रसायन विज्ञान विभाग में वैदिक जीवन मूल्य एवं प्रासंगिकता पर विशेष व्याख्यान
गगन शर्मा सह सम्पादक

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग में प्रो. ओम प्रकाश सिन्हा स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय ‘वैदिक जीवन मूल्य एवं प्रासंगिकता’ रहा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. बबलू वेदलंकार ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को संबोधित किया। डॉ. बबलू वेदलंकार ने अपने व्याख्यान में वैदिक जीवन-दर्शन, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा जीवन में नैतिक एवं मानवीय मूल्यों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैदिक साहित्य में निहित जीवन-मूल्य केवल प्राचीन भारतीय समाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वर्तमान बदलते सामाजिक परिवेश में भी उनका अध्ययन और अनुसरण प्रासंगिक है। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल सिद्धांतों को समझने तथा उन्हें आधुनिक जीवन से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि सत्य, अनुशासन, कर्तव्यबोध, सह-अस्तित्व, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और मानव कल्याण जैसे मूल्य व्यक्ति के चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वर्तमान समय में तेजी से बदलती जीवनशैली और सामाजिक परिस्थितियों के बीच इन मूल्यों को समझना युवाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता रसायन विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. अंजलि गोयल ने की। उन्होंने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में इस प्रकार के व्याख्यान विद्यार्थियों को विषयगत शिक्षा के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा एवं जीवन-मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ शिक्षक प्रो. आर.के शुक्ला सहित डॉ. जसपाल सिंह, डॉ. प्रशांत तेवतिया, डॉ. राजदीप मलिक, डॉ. सुहास उपस्थित रहे। इसके अलावा रसायन विज्ञान विभाग के स्नातकोत्तर विद्यार्थी एवं शोधार्थी भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. जे.आर मीणा ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं व्यवस्थाओं का समन्वय करते हुए व्याख्यान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि ऐसे अकादमिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों पर व्यापक दृष्टिकोण विकसित करने तथा भारतीय ज्ञान परंपरा को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने वैदिक जीवन-मूल्यों, वर्तमान समाज में उनकी उपयोगिता तथा आधुनिक शिक्षा एवं जीवन में उनके समावेश से संबंधित प्रश्न पूछे। मुख्य वक्ता ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए उनके साथ संवाद किया। कार्यक्रम के अंत में विभाग की ओर से मुख्य वक्ता डॉ. बबलू वेदलंकार का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।









