देवभूमि उत्तराखंड में बढ़ता भ्रष्टाचार का शिकार हो रही आम जनता, आखिर कैसे सुधरेगी उत्तराखंड की दुर्दशा: बड़ा सवाल
राजेश पसरीचा देहरादून प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(राजेश पसरीचा) देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में जहां डबल इंजन सरकार के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से लेकर भाजपा के नेताओं जनप्रतिधियों द्वारा भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड के तमाम दावे करते हुए देखे जाते हैं तो वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार चरम पर दिखाई दे रहा है जहां आम आदमी भ्रष्टाचार की चक्की में पिस रहा है। लेकिन उत्तराखंड सरकार कहीं न कहीं भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में विफल हो रही है। जिससे सरकारी विभागों से लेकर कई नेता जनप्रतिधि सरकारी खजाने को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे और न ही किसी तरह से कानूनी कार्यवाही से डर रहे हैं। आपको बता दें कि उत्तराखंड में पिछले काफी समय से सरकारी निर्माण कार्य जैसे विशेष रूप से सड़क निर्माण, या अन्य निर्माण कार्यों में विभागीय अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आ रही हैं। प्रदेश भर में करोड़ों रुपए की लागत से बनी नई सड़कों की हालत बदहाल होती देखी जा सकती हैं। कई जगह तैयार हुई सड़के चंद महीनों में टूटती नजर आ रही हैं। जिसमें देहरादून जिले के हरिपुर कलां ग्राम सभा क्षेत्र,हरिद्वार नगर, ऊधम सिंह नगर, में कई सड़कों पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं। जबकि तमाम नेता जनप्रतिधि अधिकारियों का आवागमन होता रहता है उसके बावजूद बदहाल सड़कों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। आपको बता दें कि जगह जगह टूटी सड़कों के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होने का भी डर बना रहता है। वहीं बड़ा सवाल यह है कि जब बड़े बड़े इंजीनियर द्वारा सरकारी सड़कों के निर्माण कार्य में गुणवत्ता का पूरा ध्यान दिया जाता है तो फिर गुणवत्ता के साथ तैयार होने वाली सड़के चंद महीनों में बड़े बड़े गड्ढों में तबदील कैसे हो रही हैं। क्या गुणवत्ता के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही हैं या फिर सरकारी खजाने का दुरूपयोग का खेल चल रहा है । यह तो जांच का विषय है। फिलहाल उत्तराखंड में बढ़ते भ्रष्टाचार पर कब लगाम लगेगी जनता इस जवाब का इंतजार कर रही है। या फिर इसी तरह से विकास कार्यों के नाम पर सरकारी खजाने का दुरूपयोग होता रहेगा। फिलहाल उत्तराखंड सरकार को आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़कों की हालत पर ध्यान देना चाहिए।









