
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(राजेश पसरीचा) हरिद्वार। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता विभाग की कार्रवाई में हरिद्वार के रानीपुर थाने में तैनात महिला सहायक उपनिरीक्षक (एएसआइ) सोनिया को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि वह शिकायतकर्ता से दूसरे पक्ष के साथ लेनदेन के विवाद में समझौता कराकर मामला निपटाने के एवज में रिश्वत मांग रही थी। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद सतर्कता विभाग ने जाल बिछाया और शनिवार, 10 अक्टूबर को आरोपित एएसआइ को गिरफ्तार कर लिया।
सतर्कता विभाग के टोल फ्री नंबर 1064 पर शिकायत प्राप्त हुई थी कि रानीपुर थाने में तैनात एएसआइ सोनिया शिकायतकर्ता से उसके पक्ष में मामला निपटाने के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सतर्कता विभाग ने इसकी जांच कराई। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सेक्टर देहरादून ने ट्रैप टीम गठित करने के निर्देश दिए।
शिकायत के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। इसके बाद सतर्कता टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। शनिवार को एएसआइ सोनिया को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। आरोप है कि यह रकम दूसरे पक्ष के साथ चल रहे लेनदेन के विवाद में समझौता कराने और मामला निपटाने के नाम पर मांगी गई थी।
इस कार्रवाई के साथ सतर्कता विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी पद का दुरुपयोग कर रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभाग के टोल फ्री नंबर 1064 पर भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाती है।









