गंगा की निर्मलता और पवित्रता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व: महात्म सौम्यानंद
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर एवं निर्मल बनाने और आगामी कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से गंगा बंदी के दौरान प्रेम नगर आश्रम के अनुयायियों एवं साधु-संतों ने वृहद स्वच्छता अभियान चलाया। प्रेम नगर आश्रम स्थित घाटों और आसपास के क्षेत्रों में आयोजित इस अभियान में कई सौ लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर श्रमदान किया। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से लगभग 10 टन गीला एवं सूखा कूड़ा एकत्रित कर समुचित निस्तारण के लिए भेजा गया। स्वच्छता अभियान ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और जनसहभागिता का संदेश दिया। अभियान में शामिल अनुयायियों, साधु-संतों एवं स्वयंसेवकों ने घाटों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई करते हुए आमजन से अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने, गंगा घाटों पर कूड़ा न फैलाने तथा मां गंगा की निर्मलता एवं पवित्रता को सुरक्षित रखने की अपील की। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने कहा कि हरिद्वार की स्वच्छता बनाए रखना केवल जिला प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के साथ आमजन की सक्रिय भागीदारी भी बेहद महत्वपूर्ण है। आगामी कुंभ मेला-2027 के दृष्टिगत गंगा घाटों, सार्वजनिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रेम नगर आश्रम के अनुयायियों एवं साधु-संतों द्वारा चलाए गए अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सामूहिक प्रयास स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ लोगों में अपने शहर, पर्यावरण और गंगा के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं। सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया जा सकता है। उन्होंने सभी संस्थाओं और आमजन से स्वच्छ हरिद्वार के संकल्प को साकार करने में सक्रिय सहयोग देने की अपील की। प्रेम नगर आश्रम के महाप्रबंधक महात्मा सौम्यानंद ने कहा कि स्वच्छता किसी एक विभाग, संस्था या व्यक्ति तक सीमित जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। जनसहभागिता और निरंतर प्रयासों के माध्यम से ही स्वच्छता के लक्ष्य को स्थायी रूप से हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि परम पूज्य गुरुजी सतपाल महाराज के दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्वच्छता कार्यक्रम व्यापक स्तर पर संचालित किए जा रहे हैं। गंगा हमारी आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार है। इसकी निर्मलता एवं पवित्रता बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने धार्मिक संस्थाओं, साधु-संतों, स्वयंसेवकों और आमजन से गंगा घाटों की स्वच्छता के लिए मिलकर आगे आने का आह्वान किया। इस अवसर पर श्री पवन कुमार ने कहा कि कुंभ मेला-2027 के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। ऐसे में गंगा घाटों और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के प्रयासों के साथ धार्मिक संस्थाओं, साधु-संतों और आमजन का सहयोग मिलने से स्वच्छता अभियान को व्यापक जनआंदोलन बनाया जा सकता है। इससे हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं सुंदर वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। अभियान का मुख्य उद्देश्य गंगा घाटों एवं आसपास के क्षेत्रों को साफ-सुथरा बनाए रखने के साथ आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और कुंभ मेला-2027 से पहले धर्मनगरी को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में जनसहभागिता सुनिश्चित करना रहा। अभियान में शामिल सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया और अपने आसपास के क्षेत्रों को साफ रखने का संकल्प लिया।
स्वच्छता अभियान में प्रेम नगर आश्रम के अनुयायियों, साधु-संतों एवं अन्य स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान अनुज रावत, शंकर लाल शर्मा, मोतीलाल, नरेंद्र कुमार सहित अन्य लोगों ने प्रमुख रूप से सहभागिता निभाई।









