यात्रियों से ओवरचार्जिंग पर प्रशासन सख्त, एआरटीओ ने यात्री बनकर पकड़े तीन ई-रिक्शा चालक
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा ने बुधवार को स्वयं सामान्य यात्री बनकर विभिन्न मार्गों पर ई-रिक्शाओं की औचक जांच की। कार्रवाई के दौरान ओवरचार्जिंग और ओवरलोडिंग के तीन मामले पकड़े गए, जिनमें संबंधित ई-रिक्शाओं को तत्काल सीज कर दिया गया। जांच की शुरुआत ऋषिकुल से शिवमूर्ति चौक मार्ग पर हुई। यहां एक ई-रिक्शा चालक ने सामान्य किराये से कहीं अधिक राशि वसूलते हुए दो यात्रियों से ₹50 लिए, जबकि निर्धारित किराया लगभग ₹20 होना चाहिए था। शिकायत सही पाए जाने पर वाहन को मौके पर ही सीज कर दिया गया। इसके बाद शिवमूर्ति चौक से भगत सिंह चौक तक यात्रा के दौरान एक अन्य चालक ने लगभग ₹30 के स्थान पर ₹150 किराया मांग लिया। चारधाम यात्रियों के आर्थिक शोषण के इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने दूसरे ई-रिक्शा को भी सीज कर दिया। तीसरे मामले में भगत सिंह चौक से शिवालिक नगर तक यात्रा के दौरान चालक द्वारा निर्धारित से अधिक किराया वसूलने के साथ-साथ वाहन में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर ओवरलोडिंग की जा रही थी। यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ मानते हुए विभाग ने इस वाहन को भी तत्काल सीज कर दिया। एआरटीओ निखिल शर्मा ने बताया कि शासन के मानकों के अनुसार ई-रिक्शा द्वारा सभी सवारियों से मिलाकर अधिकतम ₹12 प्रति किलोमीटर की दर से किराया लिया जा सकता है। इसके बावजूद कुछ चालक यात्रियों और श्रद्धालुओं से कई गुना अधिक किराया वसूलकर उनका आर्थिक शोषण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ओवरचार्जिंग, ओवरलोडिंग या किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। परिवहन विभाग ने जनपद में नियमित औचक निरीक्षण और गुप्त जांच अभियान चलाने के लिए अधिकारियों का रोस्टर तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। विभाग ने आमजन और चारधाम यात्रियों से अपील की है कि यदि कोई ई-रिक्शा चालक निर्धारित किराये से अधिक वसूली करता है या ओवरलोडिंग करता है तो इसकी सूचना तत्काल परिवहन विभाग को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। आज की कार्रवाई के बाद ई-रिक्शा संचालकों में हड़कंप की स्थिति रही। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों के आर्थिक शोषण और सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।









