मुख्य आरोपी की रिमांड के बाद भी नहीं मिला मृत बाघों के पंजों का सुराग
राजेश पसरीचा उत्तराखंड प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(राजेश पसरीचा) हरिद्वार। हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज में दो बाघों के शिकार के सनसनीखेज मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां से पूछताछ के लिए वन विभाग को कोर्ट से तीन दिन की रिमांड मिली थी। हालांकि रिमांड अवधि के दौरान वन विभाग को बाघों के पंजों सहित कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद करने में सफलता नहीं मिल सकी है। इसके बावजूद विभाग का दावा है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। वन विभाग की टीम ने इससे पहले आरोपियों की निशानदेही पर बाघों के शिकार में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद कर लिए थे। जांच अधिकारियों का मानना है कि बरामद हथियारों और अन्य साक्ष्यों से यह स्पष्ट हो चुका है कि आरोपियों का संबंध घटना से है। अब विभाग का मुख्य फोकस बाघों के पंजे और पेंडिंग रिपोर्ट पर है। मुख्य आरोपी आमिर हमजा को रिमांड पर लेकर वन विभाग की टीम ने कई संभावित स्थानों पर छानबीन की। आरोपी से लगातार पूछताछ की गई और उसकी निशानदेही पर विभिन्न क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया गया। इसके बावजूद अभी तक बाघों के पंजों और कुछ अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों का पता नहीं चल पाया है। वन विभाग की टीम श्यामपुर रेंज और आसपास के जंगलों में लगातार सर्च अभियान चला रही है। अधिकारियों के अनुसार जिन क्षेत्रों में आरोपियों की गतिविधियां सामने आई हैं, वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। टीम आधुनिक तकनीकों और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर संभावित ठिकानों की तलाश कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने डॉग स्क्वाड की मदद भी ली है। इसके अलावा तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के संपर्कों और गतिविधियों की गहन पड़ताल की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। वन विभाग इस मामले को केवल एक अलग घटना के रूप में नहीं देख रहा है। जांच टीम क्षेत्र में पूर्व में हुई वन्यजीव तस्करी और शिकार की घटनाओं के रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों का संबंध किसी बड़े वन्यजीव तस्करी गिरोह से हो सकता है। डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि रिमांड के दौरान कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि वन विभाग की टीम पूरी गंभीरता के साथ मामले की जांच कर रही है और जल्द ही बाघों के पंजों सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद होने की उम्मीद है।









