हरिद्वार

जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे: ग्रीनमैन विजयपाल बघेल

दुबई में आयोजित वैश्विक जलवायु सम्मेलन में भाग लेकर लौटे बघेल ने साझा किए अनुभव

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। दुबई में आयोजित कॉप 28 वैश्विक जलवायु सम्मेलन में भाग लेकर लौटे ट्री ट्रस्ट आॅफ इंडिया के अध्यक्ष ग्रीनमैन विजयपाल बघेल ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि सम्मलेन में ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के लिए जीवांश ईधन के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने वाले मुद्दे पर आम सहमति बनी है। विजयपाल बघेल ने बताया कि कार्बन उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए विकसित और अविकसित देशों के बीच जो मतभेद थे, उन्हें दूर करने में कॉप 28 की भूमिका सराहनीय रही। ग्रीनमैन बघेल ने बताया कि काॅप 28 के उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलवायु परिवर्तन से संबंधित भारत द्वारा उठाए जा रहे बमहत्वपूर्ण कदमों और प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जी 20 की अध्यक्षता करने के माध्यम से भारत ने पूरी दुनिया की जलवायु परिवर्तन की समस्या के समाधान का अचूक मंत्र दिया है। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि कार्बन उत्सर्जन तीव्रता को नियंत्रित करने वाला लक्ष्य हासिल करने की जो समय सीमा निर्धारित की गई थी। उसको भारत ने 11 साल पहले ही हासिल कर लिया है। प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 2028 में कॉप 33 को अपने यहां आयोजित करने का प्रस्ताव विश्व पटल पर रखा। बघेल ने बताया कि कॉप 28 के माध्यम से वर्ष 2030 तक कार्बन उत्सर्जन 45 प्रतिशत कम करने का लक्ष्य रखा गया है और गैर जीवांश ईंधन की हिस्सेदारी 50 फीसदी तक बढ़ाने की बात भी रखी गई है। बघेल ने कहा कि धरती को बचाने के लिए यह वैश्विक जलवायु वार्ता नाकाफी है। जिस तरह से पेरिस समझौते का उल्लंघन विकसित देशों द्वारा किया गया अगर कोप 28 भी इसी तरह केवल बातों और योजनाओं बनाने तक ही सीमित रहा तो ऐसे तो जलवायु परिवर्तन की समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए व्यावहारिक कार्यक्रम तय करने होंगे। उन्होंने बताया कि जिस तरह से भारत अपनी प्राकृतिक संपदा के संरक्षण लिए चिंतित है। उसी तरह विकसित देशों को भी प्रकृति को बचाने के लिए आगे आना होगा और जलवायु परिर्वतन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए कार्बन गैसों के उत्सर्जन पर अंकुश लगाना होगा। बघेल ने बताया कि धरती आग का गोला बनती जा रही है। जिस कारण जलवायु परिवर्तित होकर पूरे पारिस्थितिकी तंत्र और प्राकृतिक संरचना को तहस नहस कर रही है। इससे निजात पाने के लिए पूरी मानव जाति को सामूहिक प्रयास करने होंगे, नहीं तो जिस तरह से प्राकृतिक आपदाएं चारों तरफ अपना तांडव कर रही है उससे महाविनाश अवश्यसंभावी है। संवाददाता सम्मेलन में हरिद्वार नागरिक मंच के संरक्षक जगदीश लाल पाहवा, ट्री ट्रस्ट ऑफ इंडिया के निदेशक रंजीत सिंह, इंटरनेशल गुडविल सोसाइटी के डा.मधुसूदन अग्रवाल, प्रमोद शर्मा, विनोद मित्तल, दिवाकर गुप्ता, विश्वास सक्सेना, सर्वेश गुप्ता, राधिका नागरथ, अरुण पाठक, एसएस राणा, डा. यतींद्र नाग्यान, डा. बीडी जोशी, भाजपा नेता डा. जयपाल सिंह, डा. रोहिताश, डा. महेंद्र आहूजा, जगदीश विरमानी, अभिनंदन गुप्ता, राजकिशोर, अनिल भारतीय, मनोज गौतम, सीमा चौहान, तजेंद्र सिंह, राजकिशोर, राजकुमार, रेणु मैथानी, संगीता राणा आदि भी मौजूद रहे। इस अवसर पर हरिद्वार नागरिक मंच ने ग्रीनमैन ऑफ इंडिया विजयपाल बघेल का नागरिक अभिनंदन भी किया।

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