रुड़की

भारी बारिश से नगर के जलमग्न होने पर लोगों लोगों को झेलनी पड़ी मुसीबत

पानी में फंसकर कई वाहन हुए बंद, घरों में घुटनों तक भरा पानी, रामपुर चुंगी बनी तालाब

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(इमरान देशभक्त) रुड़की। उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने भी दो दिनों तक अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।कल रात से हो रही भारी बारिश से रामपुर चुंगी सहित रुड़की नगर जलमग्न हो गया और सड़कों ने तालाब का रूप धारण कर लिया है।रामपुर चुंगी सहित आधा दर्जन मोहल्ले श्याम नगर, अंबेडकर नगर, सुनहरा रोड, रामनगर, आवास विकास, अंबर तालाब पूर्वी और पश्चिमी, चंद्रपुरी, चावमंडी, सिविल लाइन अर्थात जहां कभी पानी नहीं भरता था आज की बरसात में प्रशासनिक, जनप्रतिनिधियों और नगर वासियों को चौंका दिया है, तो जल निकासी व्यवस्था की हकीकत को उजागर कर दिया है। गली-मोहल्ले भी बरसात के पानी से लबालब भरे हुए हैं। रात्रि से लगातार हो रही बारिश के कारण घर और दुकानों में गंदा पानी भरने से जनमानस का नुकसान भी हुआ है। नगर की पानी की निकासी के संबंध में अभी तक कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। जनप्रतिनिधियों के बड़े-बड़े दावे भी इस बरसात में धराशाई हो गए हैं, हालांकि मेयर अनीता देवी अग्रवाल तथा नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि हमने ज्यादातर नालों और नालियों की सफाई कराई है, किन्तु इतनी भारी बारिश से नालियां पानी नहीं झेल पा रही है, जबकि हकीकत यह है कि सफाई का कार्य देरी से प्रारंभ किया गया। जिसके चलते रामपुर चुंगी, नेशनल हाईवे पर इतना पानी भर गया कि पूरा मार्ग तालाब में ही तब्दील हो गया है। जल भराव के कारण रोडवेज बसें, छोटी कारें और अन्य वाहन बीच रास्ते में फंसे हुए नजर आए, जिससे दोनों और लंबा जाम भी लग गया और लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ा है। नगर के अधिकांश क्षेत्र बारिश के पानी में डूबे हैं।पनियाला रोड, सुभाष नगर, गणेशपुर, अंबर तालाब, विश्वकर्मा चौक, साउथ सिविल लाइन, बंधा रोड, ग्रीन पार्क कॉलोनी, सोलानीपुरम, कृष्णा नगर, सिविल लाइन तथा मोहनपुर क्षेत्र में भी जल भराव का कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। सड़कें तालाब बनी हुई है, बहरहाल नगर की जनता इस समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों को ही दोषी ठहरा रही है, दूसरी ओर तेज बारिश होने से रामपुर चुंगी पर दूपहिया वाहनों को पार कराने के लिए ट्रैक्टर ट्राली का सहारा रहना पड़ रहा है, जिसमें पचास से सौ रूपए इन दोपहिया वाहनों से वसूले जा रहे हैं।

Related Articles

Back to top button