रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पावन पर्व: शबनम जहाॅ
नीटू कुमार हरिद्वार संवाददाता

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(नीटू कुमार) हरिद्वार। रक्षाबंधन केवल भाई की कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास, सम्मान और जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाने की भावना का प्रतीक है। यह पावन पर्व परिवार के रिश्तों को मजबूत करने के साथ-साथ समाज में आपसी भाईचारे, सौहार्द और सद्भाव का संदेश भी देता है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की हरिद्वार विभाग संयोजिका शबनम जहाँ ने रक्षाबंधन के अवसर पर कहा कि भाई-बहन का रिश्ता दुनिया के सबसे खूबसूरत और पवित्र रिश्तों में से एक है। राखी का धागा भले ही छोटा हो, लेकिन इसमें बहन का स्नेह, विश्वास और भाई के प्रति मंगलकामना जुड़ी होती है। भाई भी अपनी बहन की खुशियों, सम्मान और सुरक्षा के लिए सदैव साथ खड़े रहने का संकल्प लेता है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन हमें केवल अपने परिवार तक सीमित रहने का संदेश नहीं देता, बल्कि समाज में प्रेम, एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा आज आवश्यकता है कि हम जाति, धर्म और भेदभाव से ऊपर उठकर एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनें और देश की एकता एवं सामाजिक सौहार्द को मजबूत करें। शबनम जहाँ ने कहा कि भारतीय संस्कृति की खूबसूरती यही है कि यहां विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों का सम्मान करते हुए मिल-जुलकर खुशियां मनाते हैं। रक्षाबंधन का पर्व इसी गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी प्रेम की भावना को और मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने सभी देशवासियों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ईश्वर सभी भाई-बहनों के रिश्ते में हमेशा प्रेम, विश्वास और खुशियां बनाए रखें और समाज में आपसी भाईचारा और सद्भाव कायम रहे।









