यूजीसी के विरोध में श्री अखंड परशुराम अखाड़े ने निकाली कांवड़ यात्रा
सरकार ने कानून वापस नहीं लिया तो आंदोलन तेज करेगा स्वर्ण समाज: पंडित अधीर कौशिक

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(अक्षय कुमार) हरिद्वार। सावन की शिवरात्रि के अवसर पर श्री अखंड परशुराम अखाड़े ने यूजीसी नियमों के विरोध में बिरला घाट से शिवमूर्ति तक कांवड़ यात्रा निकाली। इस दौरान अखाड़े के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए यूजीसी रोल बैक, काला कानून वापस लो के नारे लगाए। श्री अखण्ड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने यूजीसी कानून वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि सरकार द्वारा लागू किए गए इस कानून से हमारे बच्चों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। यह कानून सवर्ण समाज के हितों के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया या आरक्षण नीतियों में सुधार नहीं किया, तो सवर्ण समाज आंदोलन को और तेज करेगा। भगवान परशुराम का रूप धारण कर और कंधों पर कांवड़ उठाकर यात्रा में शामिल हुए संत कार्तिकेय महाराज ने कहा कि संत का कार्य समाज में अच्छे और बुरे की पहचान करना है। सरकार की नीतियां चारों वर्णों को आपस में लड़ाने का काम कर रही हैं। भगवान शिव से जल अभिषेक कर प्रार्थना की गयी है कि सरकार ऐसे काले कानून न लाए। उन्होंने यदि सरकार ऐसे निर्णय लेती रही तो सवर्ण समाज और संन्यासी सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। कांवड़ यात्रा में शिवशंकर शास्त्री, स्वामी रुद्रानंद, कमल मुनि, स्वामी आनंद महाराज, स्वामी अमित, स्वामी कृष्णा, स्वामी कमल महाराज, आचार्य पवन कृष्ण शास्त्री, आचार्य संजय कृष्ण शास्त्री, जलज कौशिक, दिनेश बाली, ऋषि शर्मा, रोहित गिरी, चमन गिरी, शेरू कुमार, गौरव कुमार, मुकेश कुमार, संजू अग्रवाल, कुलदीप शर्मा, अमित कुमार, संदीप कुमार, हेमराज कुमार आदि शामिल रहे।









