हरिद्वार

स्वच्छ के लिए प्रशासन की सख्ती, कचरा प्रबंधन में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में नगर निकायों, जिला पंचायत, खंड विकास अधिकारियों और अन्य विभागीय अधिकारियों को नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में कहा गया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर चलाए जा रहे प्रयासों की नियमित निगरानी की जाएगी तथा सभी संबंधित विभागों को प्रतिदिन अपनी प्रगति रिपोर्ट स्वच्छता कंट्रोल रूम और जिला कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी। मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर निगम हरिद्वार और रुड़की सहित सभी नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों को घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत बनाने, गीले और सूखे कचरे के पृथक संग्रहण तथा बंद कचरा परिवहन प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए। साथ ही संवेदनशील कचरा स्थलों की पहचान कर उनके स्थायी समाधान, विरासत डंपसाइटों के वैज्ञानिक उपचार और प्रत्येक वार्ड में आरआरआर (रिड्यूस-रीयूज-रीसायकल) केंद्र स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में भी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए जिला पंचायत, पंचायत राज विभाग और सभी खंड विकास अधिकारियों को ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाएं तैयार करने तथा स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण लागू कराने को कहा गया है। खुले में कचरा फेंकने और जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के साथ नियमित समीक्षा बैठकों और साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट की व्यवस्था भी लागू की जाएगी। प्रशासन ने स्वच्छता अभियान में विद्यालयों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी को भी अहम बताया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी को स्कूलों में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं और प्लास्टिक मुक्त अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को जन-जागरूकता अभियान चलाने तथा वार्ड स्तरीय स्वच्छता समितियों के गठन में सहयोग देने को कहा गया है। वन क्षेत्रों, नदी तटों और पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर अवैध कचरा डंपिंग रोकने के लिए वन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। अधिकृत एवं अनधिकृत कचरा स्थलों का नियमित निरीक्षण कर फोटोग्राफिक साक्ष्यों सहित रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को भेजी जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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