हरिद्वार

गुम हो गया “भिक्षा नहीं, शिक्षा दें” अभियान, शहर में चर्चा

हरिद्वार की सड़कों पर छोटे-छोटे बच्चे मांग रहे भीग, बहुत कुछ बयां करती फोटो

Oplus_16908288
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। जहां उत्तराखंड पुलिस प्रशासन द्वारा “भिक्षा नहीं, शिक्षा दें” को लेकर एक मुहिम चलाई जा रही है, तो वहीं शहर में चर्चा है कि अब वो मुहिम कहीं-कहीं पर ही दिखाई दे रही है।

जानकारी के अनुसार उत्तराखंड में ‘भिक्षा नहीं, शिक्षा दें’ (ऑपरेशन मुक्ति) अभियान की शुरुआत वर्ष 2017 में उत्तराखंड पुलिस द्वारा की गई थी। जिसमें बच्चों से भिक्षावृत्ति और बाल श्रम को रोकना तथा उन्हें स्कूलों से जोड़ने को लेकर ये अभियान उत्तराखंड के हर जिले में शुरू हुआ था।

शहर में चर्चा है कि हरिद्वार की सड़कों पर छोटे-छोटे बच्चे भीख मांगते हुए दिखाई दे रहे हैं, जी हां आप फोटो से भी अंदाजा लगा सकते हैं कि फास्ट फूड खाने के लिए पहुंचे लोगों से छोटे-छोटे बच्चे पैसे मांग रहे हैं। जो कई न कई अभियान पर भी सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। वहीं यह अभियान समय-समय पर कई चरणों में (जैसे एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और पुलिस द्वारा) राज्य के विभिन्न जिलों में चलाया जाता है।

उत्तराखंड पुलिस का अभियान भिक्षा नहीं, शिक्षा दें, कई गुम हो गया है जो शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अभियान के दौरान उत्तराखंड पुलिस की मुहिम का लोगों द्वारा स्वागत करते हुए अभियान की तारीफ भी की गई है। जो बच्चे शिक्षा से दूर रहकर भिक्षा मांग रहे थे, उनका दाखिला कराकर शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत पहल मानी गई है। अब देखना यह होगा कि 2017 से शुरू हुआ भिक्षा नहीं, शिक्षा दें, अभियान जिलों में कितनी जल्दी तेजी पकड़ता है यह तो अब आने वाला वक्त ही बताएगा।

Related Articles

Back to top button