
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रवि चौहान) हरिद्वार। कांवड़ मेले की भारी भीड़ के बीच नगर निगम द्वारा ड्रोन कैमरे से सफाई व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। ड्रोन कांवड़ मार्ग पर लगातार उड़ान भरकर उन स्थानों की पहचान कर रहे हैं। जहां सामान्य निरीक्षण दलों की नजर तुरंत नहीं पहुुंच पाती। यदि कहीं भी झाड़ियों, डिवाइडरों, बैरिकेडिंग के पीछे अथवा भीड़ के बीच छिपा हुआ कूड़ा दिखाई देता है, तो ड्रोन टीम तत्काल उस स्थान का फोटोग्राफ एवं जियोटैग लोकेशन नगर निगम के विशेष व्हाट्सएप कमांड ग्रुप पर साझा करती है। फोटो अपलोड होते ही कमांड ग्रुप द्वारा संबंधित सफाई निरीक्षक को टैग किया जाता है और तत्काल सफाई दल मौके पर भेजा जाता है। सफाई कार्य पूरा होने के बाद उस स्थान की आफ्टर क्लीनिंग फोटो पुनः ग्रुप में साझा की जाती है, जिससे कंट्रोल रूम यह सुनिश्चित करता है कि शिकायत का वास्तविक एवं संतोषजनक निस्तारण हो चुका है। इससे पूरी व्यवस्था रियल-टाइम, पारदर्शी एवं जवाबदेह बन गई है। ड्रोन तकनीक का उपयोग केवल गंदगी की पहचान तक सीमित नहीं है। यदि कांवड़ मार्ग पर कहीं भी कोई पशु विचरण करता हुआ दिखाई देता है, तो ड्रोन टीम तत्काल उसकी सटीक लोकेशन साझा करती है। सूचना मिलते ही नगर निगम की संबंधित टीम मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करती है, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं निर्बाध आवागमन सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त ड्रोन के माध्यम से भीड़ के घनत्व के अनुसार अतिरिक्त सफाई दलों की तैनाती, डस्टबिन की स्थिति की निगरानी, संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण, सड़क किनारे जमा अपशिष्ट की पहचान तथा ऐसे स्थानों का सर्वेक्षण भी किया जा रहा है जहां सामान्य निरीक्षण करना कठिन होता है। इससे कंट्रोल रूम को पूरे कांवड़ मार्ग का बर्ड्स-आई व्यू प्राप्त होता है और संसाधनों का त्वरित एवं सटीक प्रबंधन संभव हो रहा है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार कांवड़ मेला-2025 के अनुभवों को आधार बनाकर वर्ष 2026 में इस प्रणाली को और अधिक स्मार्ट बनाया गया है। अब प्रत्येक शिकायत के साथ उसका फोटो, जियोटैग, जिम्मेदार अधिकारी तथा निस्तारण का प्रमाण एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहता है। इससे समस्या की पहचान से लेकर उसके समाधान तक का समय पहले की तुलना में काफी कम हो गया है। नगर आयुक्त आईएएस नंदन कुमार ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि तकनीक के माध्यम से स्वच्छता प्रबंधन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाना है।









