ऑपरेशन प्रहार: हरिद्वार पुलिस ने दो नाबालिग सगी बहनों को सकुशल किया बरामद
परिजनों की डांट से नाराज होकर घर छोड़कर चली गई थीं दोनों बहनें
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(जावेद अंसारी) पिरान कलियर। पिरान कलियर में हरिद्वार पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना पिरान कलियर पुलिस ने घर से लापता हुई दो नाबालिग सगी बहनों को सकुशल बरामद कर लिया। बेटियों के सुरक्षित मिलने पर परिवार में खुशी का माहौल है और परिजनों ने पुलिस का आभार जताया है।
17 मई को दर्ज कराया गया था मुकदमा
जानकारी के अनुसार फैजान आलम पुत्र मकसूद अली निवासी वार्ड नंबर 09 मुकर्रबपुर कलियर ने 17 मई 2026 को थाना पिरान कलियर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी दो नाबालिग बेटियां 16 मई से बिना बताए घर से कहीं चली गई हैं और वापस नहीं लौटी हैं। इस मामले में थाना पिरान कलियर में मुकदमा अपराध संख्या 101/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया।
सीसीटीवी फुटेज खंगालकर पुलिस ने चलाया सर्च अभियान
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक पिरान कलियर के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने कलियर और रुड़की क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच की और लगातार तलाश अभियान चलाया। पुलिस की सक्रियता और तत्परता के चलते 20 मई 2026 को दोनों नाबालिग बहनों को कलियर दरगाह क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया गया।
मुजफ्फरनगर तक पहुंच गई थीं दोनों बहनें
पूछताछ में दोनों बहनों ने बताया कि वे परिजनों की डांट से नाराज होकर घर से बिना बताए निकल गई थीं। पहले वे रुड़की पहुंचीं और वहां से ट्रेन के जरिए मुजफ्फरनगर चली गई थीं। पुलिस की मुस्तैदी के कारण दोनों बच्चियां किसी गलत हाथों में जाने से बच गईं।
बाल कल्याण समिति के समक्ष किया गया पेश
बरामदगी के बाद दोनों नाबालिग बहनों को जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया।
बरामद किशोरियों में-एक की उम्र 16 वर्ष
दूसरी की उम्र 14 वर्ष बताई गई है।
इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम में उपनिरीक्षक विनोद कुमार गोला, हेड कांस्टेबल जयप्रकाश, होमगार्ड राजेन्द्र सिंह ओर होमगार्ड वीरवती शामिल रहे।









