सड़क सुरक्षा पर प्रशासन सख्त, 5 माह में 83 हजार से अधिक चालान, ओवरस्पीडिंग और नशे में ड्राइविंग पर बढ़ेगी कार्रवाई
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने प्रवर्तन कार्रवाई और अधिक तेज करने का निर्णय लिया है। जिला सड़क सुरक्षा समिति (डीआरएससी) की बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को ओवरस्पीडिंग, नशे में वाहन संचालन, ओवरलोडिंग और यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिला कार्यालय सभागार में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), लोक निर्माण विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार जनवरी से मई 2026 के बीच पुलिस विभाग ने 52,736 चालान करते हुए 2,882 वाहन सीज किए, जबकि परिवहन विभाग ने 30,519 चालान और 2,110 वाहन सीज किए। नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान के तहत 158 चालान भी किए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं के पीछे तेज गति और शराब पीकर वाहन चलाना प्रमुख कारण हैं। इन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सड़क सुरक्षा कोष से अल्कोमीटर खरीदकर पुलिस और परिवहन विभाग को उपलब्ध कराए गए हैं। इससे नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाया जाएगा। अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग, सीट बेल्ट न लगाने, ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग के मामलों में कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलने वाली सहायता और मुआवजा योजनाओं की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण हटाने, दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स का संयुक्त सर्वेक्षण कर सुधारात्मक कार्यवाही करने तथा सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। आगामी बैठकों में चिकित्सा विभाग की सहभागिता सुनिश्चित कर सड़क दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन ऑवर के दौरान त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की भी समीक्षा की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों और सख्त प्रवर्तन से जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।









