हरिद्वार में भी हो रहे धड़ल्ले से कोचिंग सेंटर संचालित, लखनऊ अग्निकांड से क्या जिला प्रशासन लेगा सबक
शहर में चर्चा, संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों में कब चलेगा अभियान

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। हरिद्वार में संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है। जी हां उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सोमवार (22 जून) को एक दर्दनाक हादसे की गवाह बनी। अलीगंज इलाके में स्थित एक तीन मंजिला व्यवसायिक भवन में अचानक लगी भीषण आग ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं, इस इमारत में संचालित कोचिंग सेंटर में पढ़ रहे छात्रों सहित कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
वहीं हरिद्वार में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है, कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कोचिंग सेंटरों की भरमार देखने को मिल रही है, जिसको लेकर अभियान चलाए जाने की चर्चाएं तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से कुछ लोगों द्वारा कोचिंग सेंटरों की जांच करने की मांग उठाई है।
चर्चा है कि सोमवार को लखनऊ में हुए अग्निकांड को लेकर हरिद्वार जिला प्रशासन द्वारा कोचिंग सेंटर में छात्रो की सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अभियान चलाते हुए लापरवाह संचालकों पर शिकंजा कसेगा या नहीं, जो शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
चर्चा है कि हरिद्वार से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कोचिंग सेंटर धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। चर्चा तो यहां तक है कि संचालित कोचिंग सेंटरों ने सुबह से शाम तक के अलग अलग बेच बनाए हुए है, और छात्र बड़ी संख्या में अपना भविष्य बनाने व मां बाप का नाम रोशन करने के लिए दिन रात एक कर पढ़ाई कर रहे है।
वहीं हरिद्वार की गूंज समाचार पत्र से खास बातचीत करते हुए समाजसेवी सुनील सेठी ने बताया कि सोमवार को लखनऊ क्षेत्रांतर्गत अलीगंज इलाके में जो दर्दनाक हादसा कोचिंग सेंटर में हुआ है, उसे सुनकर और देखकर रुह काँप उठी है इसलिए हरिद्वार प्रशासन को कोचिंग सेंटरो में पढ़ने वाले छात्रो की सुरक्षा को देखते हुए उचित प्रबंध उठाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि तीसरी मंजिल पर बनाया गया कोचिंग सेंटर कहीं ना कहीं छात्रो के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहा था। सुनील सेठी ने हरिद्वार जिला प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि हरिद्वार में भी कई फ्लोर पर बने कोचिंग सेंटरों की जांच की जानी आवश्यक है।
चर्चा है कि अब देखना होगा कि जिला प्रशासन द्वारा हरिद्वार से ग्रामीण क्षेत्र में धड़ल्ले से संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरो पर अभियान चलाकर लापरवाह संचालकों पर कार्यवाही करता है या नहीं, यह तो अब आने वाला वक्त ही बताएगा।









