पप्पू यादव का विवाद तूल पकड़ता जा रहा, अब कुंभ में होगा बहिष्कार और मुंह काला, संतो में आक्रोश
रवि चौहान हरिद्वार संवाददाता
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रवि चौहान) हरिद्वार। सांसद पप्पू यादव द्वारा संसद परिसर के बाहर भगवा वस्त्र पहनकर भीख मांगने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। धर्मनगरी हरिद्वार में इसे लेकर साधु-संतों और धार्मिक संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। रविवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी, पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के संतों और अखंड परशुराम अखाड़े के पदाधिकारियों ने पप्पू यादव व सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान दोनों नेताओं के भिखारी वाले पोस्टर लगाए गए थे, जिनके आगे संतों और तीर्थ पुरोहितों ने कटोरों में सिक्के डालकर अनोखे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। संतों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सांसद सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं, तो आगामी कुंभ मेलों में उनका बहिष्कार किया जाएगा और नजर आने पर मुंह काला किया जाएगा।

इस मौके पर निरंजनी अखाड़े के सचिव एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत डॉ रवींद्र पुरी ने कहा कि पप्पू यादव सनातन विरोधी और देशद्रोही जैसी बातें कर रहे हैं। इन्होंने संतों का अपमान किया है, जिसके लिए इन्हें तुरंत माफी मांगनी चाहिए। यदि वे माफी नहीं मांगते हैं, तो आने वाले हरिद्वार कुंभ, उज्जैन कुंभ या नासिक कुंभ में जहाँ भी वे दिखाई देंगे, उनका मुंह काला किया जाएगा। सभी सनातनियों से उन्हें तुरंत क्षमा याचना करनी चाहिए। वही इस मौके पर अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष अधीर कौशिक ने कहा कि संसद भवन एक पवित्र मंदिर है और वहाँ जिस तरह का नाटक किया गया, वह सनातन धर्म के लिए बेहद घातक है। पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद को अपने संसदीय क्षेत्र और जनता के विषयों पर मंथन करना चाहिए, न कि भगवा वस्त्र पहनकर ऐसा नाटक करना चाहिए। भगवे का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों की तुलना कालनेमि से की जाती है और सनातन समाज को ऐसे कालनेमियों की आवश्यकता नहीं है।









