नारसन बॉर्डर पहुंचे जिलाधिकारी और एसएसपी, सम्पूर्ण कांवड मेला का किय निरीक्षण-लगातार हो रही बारिश में भी संभाल रखा है मोर्चा
10 फिट चोड़ी और 12 फीट ऊंचाई से अधिक कांवड़ समेत डीजे को वापस भेजा, गाइडलाइन का करें पालन

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) हरिद्वार। जहां कावड़ मेले में लगातार शिव भक्तों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है तो वही प्रशासन भी सख्त नजर आ रहा है। कल रात से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच कावड़ मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए हरिद्वार जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह ने गुरुवार को नारसन बॉर्डर पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
जानकारी के दौरान सम्पूर्ण कांवड मेला क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए सीमा पर तैनात प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए यात्रा को सुरक्षित, सुचारु ओर व्यवस्थित रूप से संचालित किए जाने के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। साथ ही कावड़ यात्रियों की सुविधा के लिए लगाए गए भंडारों एवं सेवाओं का भी निरीक्षण किया।
भारी वर्षा के दृष्टिगत जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जनपद के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को जल निकासी की प्रभावी एवं त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन एवं कांवड़ यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जानकारी के अनुसार अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन एवं प्रशासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार 10 फीट चौड़ाई एवं 12 फीट ऊंचाई से अधिक आकार की कांवड़ तथा मानकों के विपरीत संचालित डीजे को जनपद की सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले सभी डीजे एवं कांवड़ को नारसन बॉर्डर से वापस किया जा रहा है। वहीं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ, तहसीलदार विकास अवस्थी, अपर तहसीलदार रुड़की शुभांगिनी सहित पुलिस प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।









