मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा था नशीली दवाओं का खेल, STF और कलियर पुलिस ने दो तस्करों को दबोचा
मूल पैकिंग और लेबल हटाकर लूज में बेचते थे ट्रामाडोल कैप्सूल, 1150 कैप्सूल और 10 कोडीन कफ सिरप बरामद

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(जावेद अंसारी) पिरान कलियर। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कलियर पुलिस और STF की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मेडिकल स्टोर की आड़ में नशीली दवाओं का कारोबार करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
STF को सूचना मिली थी कि पिरान कलियर स्थित मोनी मेडिकल स्टोर की आड़ में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री की जा रही है। सूचना पर STF, ड्रग इंस्पेक्टर और कलियर पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर मेडिकल स्टोर की नियमानुसार तलाशी ली।
पुलिस टीम को मेडिकल स्टोर के काउंटर के ऊपरी रैक से 1,150 लूज Puroxiwin Spas कैप्सूल बरामद हुए। इसके अलावा Codectus TR कोडीन कफ सिरप की 10 शीशियां भी बरामद की गईं। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि कैप्सूल ट्रामाडोल के हैं और उन्हें मूल पैकिंग व लेबल हटाकर लूज में बेचा जाता था। आरोपियों के पास इन दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित कोई अभिलेख अथवा चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन भी नहीं मिला।
पुलिस के मुताबिक आरोपी इन दवाओं को नशे के आदी लोगों को बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे और दोनों मिलकर इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहे थे वहीं गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुर्बान अली, पुत्र अब्दुल मजीद, उम्र 40 वर्ष, निवासी महमूदपुर, पिरान कलियर, हरिद्वार, ओर आदिल, पुत्र जिन्दा हसन, उम्र 24 वर्ष, निवासी मुकरपुर, पिरान कलियर, हरिद्वार।
दोनों के खिलाफ मु0अ0सं0 212/2026, धारा 8/22/29 NDPS Act के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
इस कार्रवाई में STF देहरादून, कोतवाली कलियर पुलिस एवं ड्रग विभाग की संयुक्त टीम शामिल रही। टीम में निरीक्षक भवानी शंकर पन्त, उपनिरीक्षक दीपक मैठाणी, अ०उ०नि रामअवतार, हेड कांस्टेबल इसरार, हेड कांस्टेबल माजिद, हेड कांस्टेबल देशराज, कांस्टेबल रवि पन्त, ड्रग इंस्पेक्टर विनोद जगुड़ी और ड्रग इंस्पेक्टर हरिद्वार हरीश सिंह शामिल रहे।
कलियर क्षेत्र में मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहे कथित नशीली दवाओं के कारोबार के खुलासे के बाद पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।









