9 मीटर लंबी, 30 सीटर वातानुकूलित बसों से शहर के मुख्य क्षेत्र, औद्योगिक इलाकों और प्रमुख तीर्थ मार्गों को जाएगा जोड़ा
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। हरिद्वार शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत 37 विद्युत बसों के संचालन की तैयारी तेज कर दी गई है। शुक्रवार को सीसीआर भवन में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका एवं जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित की संयुक्त अध्यक्षता में ई-बस सेवा के संचालन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रस्तावित मार्गों, बसों की तैनाती, बस स्टॉप, चार्जिंग व्यवस्था तथा डिपो से संबंधित व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) निखिल शर्मा ने पीपीटी के माध्यम से प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना की रूपरेखा प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत हरिद्वार जनपद को कुल 37 विद्युत बसें आवंटित की गई हैं। ये बसें 9 मीटर लंबी, 30 सीटर एवं वातानुकूलित होंगी। योजना के तहत नगर के लगभग 15 किलोमीटर मुख्य क्षेत्र में स्मार्ट सिटी मॉडल की तर्ज पर सर्कुलर बस सेवा संचालित करने का प्रस्ताव है। योजना के अनुसार ई-बस नेटवर्क को एक सर्कुलर मार्ग और सात फीडर मार्गों के माध्यम से विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य हरिद्वार के मुख्य शहरी क्षेत्र के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख तीर्थ मार्गों को एक व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ना है।
प्रस्तावित सर्कुलर मार्ग हरिद्वार रेलवे स्टेशन से ऋषिकुल, चंद्राचार्य चौक, भगत सिंह चौक, बीएचईएल सेक्टर-2 बैरियर, ज्वालापुर, दुर्गा चौक, शंकराचार्य चौक, सिंहद्वार, डामकोठी एवं तुलसी चौक होते हुए पुनः रेलवे स्टेशन तक रहेगा। वहीं फीडर मार्गों के माध्यम से रोशनाबाद, पेंटागन मॉल, शिवालिक नगर, बीएचईएल सेक्टर-2, पतंजलि, जटवाड़ा पुल, ज्वालापुर, बहादराबाद, धनपुरा, जगजीतपुर, सिंहद्वार, शांतिकुंज तथा लालढांग क्षेत्र को मुख्य सर्कुलर नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित मार्गों और बस स्टॉप का निर्धारण परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा किए गए संयुक्त क्षेत्रीय सर्वेक्षण के आधार पर किया गया है।
बैठक में बताया गया कि शुरुआती चरण में सर्कुलर मार्ग के साथ रोशनाबाद, बहादराबाद और पतंजलि कॉरिडोर को प्राथमिकता दी जाएगी। इन मार्गों पर बसों की उपलब्धता इस प्रकार सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि यात्रियों को लगभग 10 मिनट के आसपास बस सेवा उपलब्ध हो सके। अन्य प्रस्तावित मार्गों पर उपलब्ध बसों की संख्या के अनुसार संचालन किया जाएगा। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित मार्गों पर आवश्यकतानुसार नए बस स्टॉप भी तैयार किए जाएंगे।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने प्रस्तावित ई-बस मार्गों की समीक्षा करते हुए जनहित में कुछ महत्वपूर्ण संशोधन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कनखल चौक, पुराना आरटीओ क्षेत्र और सप्तऋषि क्षेत्र को भी ई-बस नेटवर्क में शामिल करने के निर्देश दिए, ताकि इन क्षेत्रों के नागरिकों और यात्रियों को भी आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सेवा का लाभ मिल सके। जिलाधिकारी ने ई-बस संचालन के साथ-साथ चार्जिंग स्टेशन और डिपो की व्यवस्था समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि बस संचालन की योजना बनाते समय यात्रियों की सुविधा, मार्गों की उपयोगिता और शहर की परिवहन आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए। बैठक में नगर आयुक्त नंदन कुमार, अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती, एआरटीओ (प्रशासन) श्रीमती नेहा झा, एआरटीओ रुड़की जितेंद्र चंद्र, प्रभारी निरीक्षक यातायात संदीप नेगी, उपनिरीक्षक यातायात मुकेश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।









