हरिद्वार

सुमन नगर में अवैध कॉलोनियों के विस्तार की चर्चा तेज, एचआरडीए की निगरानी पर उठ रहे सवाल

सुमन नगर चौकी के पीछे भी कॉलोनी विकसित होने और मकानों का निर्माण शुरू होने की चर्चा, प्राधिकरण की कार्रवाई पर टिकी क्षेत्रवासियों की निगाहें

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) के अंतर्गत आने वाले सुमन नगर क्षेत्र में कथित अवैध कॉलोनियों के विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि सुमन नगर चौकी के पीछे भी कॉलोनी विकसित की जा रही है और वहां मकानों का निर्माण शुरू होने की बात भी सामने आ रही है। क्षेत्र के चारों ओर कॉलोनियों के विस्तार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि यदि संबंधित क्षेत्रों में बिना स्वीकृत नक्शे या आवश्यक अनुमति के प्लॉटिंग और निर्माण हो रहे हैं, तो ऐसे मामलों में एचआरडीए की निगरानी और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। सवाल यह है कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद ही विभाग की नजर इन पर पड़ती है या विकास के शुरुआती चरण में ही नियमित निरीक्षण किया जाता है।

सुमन नगर क्षेत्र में कथित अवैध कॉलोनियों की बढ़ती चर्चा के बीच एचआरडीए की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्र में विभागीय लापरवाही या किसी प्रकार के गठजोड़ की चर्चाएं सुनाई दे रही हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। बिना ठोस साक्ष्य किसी अधिकारी या व्यक्ति की भूमिका पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। अब आवश्यकता है कि एचआरडीए संबंधित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कराए और यह स्पष्ट करे कि कहां-कहां कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं, किन निर्माणों के लिए स्वीकृति दी गई है तथा क्या किसी स्थान पर नियमों के विपरीत प्लॉटिंग या निर्माण हो रहा है।

यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही आम लोगों को भी जमीन खरीदने से पहले कॉलोनी का स्वीकृत लेआउट, भूमि संबंधी दस्तावेज और निर्माण की आवश्यक अनुमतियां जांचने के लिए जागरूक किया जाना जरूरी है। अब देखना होगा कि एचआरडीए सुमन नगर में उठ रहे इन सवालों का संज्ञान लेकर जांच और निरीक्षण करता है या नहीं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि प्राधिकरण स्थिति स्पष्ट करते हुए नियमानुसार कदम उठाएगा, ताकि अनियोजित विकास पर रोक लग सके और लोगों को भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अन्यथा इस बार की तरह अगली बार भी सुमन नगर क्षेत्र में बनी अवैध कॉलोनी से भारी मात्रा में प्रशासन को पानी निकालने के लिए मशीनें लगानी पड़ेगी। जो की सरकारी धन का दुरुपयोग माना जाता है। क्योंकि एक कहावत है करनी किसी की और भरनी कसी को होगी।

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