परंपरा, संस्कृति और उत्साह का संगम बना राजकमल कॉलेज का डांडिया, गरबा महोत्सव

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(नीटू कुमार) हरिद्वार। नवरात्रि के पावन अवसर पर राजकमल साइंस एंड मैनेजमेंट कॉलेज, बहादराबाद, हरिद्वार में डांडिया एवं गरबा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस रंगारंग उत्सव में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे विद्यार्थियों ने गरबा और डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियों से महाविद्यालय परिसर को उत्सव के रंगों से सराबोर कर दिया। संगीत की मधुर धुनों और पारंपरिक नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। पूरे परिसर में उत्साह, उमंग और उल्लास का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम में दिव्या, अंबिका, अवंतिका, वंशिका, रितिका, पूर्णिमा, खुशी, इशिका, अंशिका सहित अनेक छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उनकी रंगारंग प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। छात्राओं ने अपनी आकर्षक वेशभूषा, लयबद्ध नृत्य और शानदार तालमेल से उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। पारंपरिक वेशभूषा, संगीत और सामूहिक नृत्य से सजा यह महोत्सव विद्यार्थियों के लिए आनंद, सांस्कृतिक जुड़ाव और आपसी सद्भाव के यादगार क्षण लेकर आया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राघवेंद्र चौहान ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनमें एकता, सहयोग और आपसी सौहार्द की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता हमारी सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है और त्योहार हमें आपसी प्रेम, सद्भाव तथा सामाजिक एकता का संदेश देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि सांस्कृतिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। शिक्षा के साथ सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों का समावेश विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. दीपा एवं सहयोगी शिक्षक सिया पाल, प्रिया सैनी, अरबाब राव, समीक्षा, विशाखा, सोनिया सारस्वत, भव्या के निर्देशन में किया गया। छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। डांडिया की खनक और गरबा की लयबद्ध थिरकन से पूरा परिसर आनंदमय वातावरण में डूब गया। विद्यार्थियों की ऊर्जा, उत्साह और सामूहिक सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, मंच पर आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत होने तथा एक-दूसरे की संस्कृति और परंपराओं को समझने का अवसर दिया। शिक्षकों और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों से महोत्सव उत्साहपूर्ण एवं यादगार बना। कार्यक्रम में श्रीमती राजेश देवी, सचिव, राजकमल कॉलेज, प्रबंध समिति के सदस्य दुष्यंत प्रताप एवं नितिन प्रताप सहित डॉ. दीक्षा चौहान, डॉ. नीरज शर्मा, डॉ. अनिरुद्ध कुमार, प्रवीण कुमार, अजय कुमार, रवि कुमार, दुष्यंत कुमार एवं राजदेव रावत उपस्थित रहे। महोत्सव का समापन उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक एकता के संदेश के साथ हुआ। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को भारतीय परंपराओं से जुड़ने तथा आपसी सहयोग और सौहार्द की भावना को मजबूत करने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शिक्षा के साथ संस्कृति और संस्कारों का समन्वय विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य एवं सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।









