हरिद्वार

भीड़ प्रबंधन, यात्री सुविधाएं और वैकल्पिक निकासी मार्गों पर प्रशासन का विशेष फोकस

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में आगामी कुंभ-2027 की तैयारियों को लेकर मेला प्रशासन अब पूरी सक्रियता के साथ मैदान में उतर चुका है। करोड़ों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन परिवहन, यातायात और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने में जुट गया है। इसी क्रम में मेलाधिकारी सोनिका ने हरिद्वार बस अड्डे और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान भीड़ प्रबंधन, यात्री सुविधाओं के विस्तार और आपातकालीन निकासी मार्गों की तैयारी को विशेष प्राथमिकता दी गई। मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ जैसे विशाल आयोजन में बस अड्डा श्रद्धालुओं की आवाजाही का प्रमुख केंद्र होता है, इसलिए इसकी आधारभूत संरचना को आधुनिक और व्यवस्थित बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने परिवहन निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बस स्टेशन परिसर में स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, प्रतीक्षालय और सूचना प्रणाली को और अधिक बेहतर बनाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। मेला प्रशासन ने बस अड्डे के आसपास अतिक्रमण हटाने और यात्रियों के सुरक्षित पैदल आवागमन के लिए अलग गेट विकसित करने की योजना पर भी जोर दिया। वहीं नगर निगम की खाली भूमि पर बड़े होल्डिंग एरिया और जनसुविधा केंद्र विकसित करने की संभावनाएं भी तलाश की जा रही हैं। रेलवे स्टेशन के निकट होने के कारण यह क्षेत्र कुंभ मेले के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए वैकल्पिक निकासी मार्गों को भी प्राथमिकता दे रहा है। बस स्टेशन से तुलसी चौक तक वैकल्पिक निकासी मार्ग विकसित करने के लिए तकनीकी परीक्षण कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।

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