इमाम हुसैन की शहादत इंसानियत, न्याय और सत्य की अमर मिसाल: मोहम्मद आरिफ
नीटू कुमार हरिद्वार संवाददाता

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(नीटू कुमार) हरिद्वार। राष्ट्रीय निगरानी समिति, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के पूर्व सदस्य मोहम्मद आरिफ चौधरी ने मुहर्रम के अवसर पर कहा कि हज़रत इमाम हुसैन की शहादत पूरी इंसानियत के लिए सत्य, न्याय, त्याग और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का अमर संदेश है। कर्बला की धरती पर इमाम हुसैन और उनके साथियों ने अन्याय के सामने झुकने के बजाय अपने प्राणों का बलिदान देकर यह सिद्ध किया कि सत्य और इंसाफ की राह पर डटे रहना ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन का संदेश किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी कुर्बानी हमें सिखाती है कि सत्ता और ताकत से बढ़कर इंसानियत, नैतिकता और न्याय के मूल्य हैं। मोहम्मद आरिफ ने कहा कि आज के समय में समाज को इमाम हुसैन के आदर्शों, आपसी भाईचारे, शांति, सहिष्णुता, मानव सेवा और सामाजिक न्याय को अपनाने की आवश्यकता है। यदि हम उनके बताए मार्ग पर चलते है तो समाज में प्रेम, सौहार्द और समानता की भावना और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि मुहर्रम के पावन अवसर पर इमाम हुसैन की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारते हुए नफरत, अन्याय और भेदभाव से दूर रहकर प्रेम, सद्भाव और मानवता की सेवा का संकल्प लें।









