गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में रसायन विज्ञान-जैवबहुलक एवं सतत सामग्रियों में उभरती प्रवृत्तियाँ, विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन
गगन शर्मा सह सम्पादक

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा “रसायन विज्ञान, जैवबहुलक एवं सतत सामग्रियों में उभरती प्रवृत्तियाँ” विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य रसायन विज्ञान, जैवबहुलकों तथा सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम अनुसंधान, नवाचार एवं तकनीकी विकास पर वैज्ञानिकों, शिक्षकों एवं शोधार्थियों के बीच ज्ञान एवं विचारों का आदान-प्रदान करना था।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. प्रतिभा लूथरा मेहता जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने मुख्य वक्ता के रूप में सम्मेलन को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने रसायन विज्ञान, जैवबहुलकों एवं सतत सामग्रियों के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण, मौलिक एवं समाजोपयोगी अनुसंधान की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए शोधार्थियों को नवाचार एवं उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए प्रेरित किया।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि प्रो. मोहन्ती, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की रहे। उन्होंने रसायन विज्ञान एवं सतत सामग्रियों के क्षेत्र में हो रहे नवीन अनुसंधान तथा तकनीकी विकास पर प्रकाश डालते हुए युवा शोधकर्ताओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ उत्कृष्ट एवं समाजोपयोगी अनुसंधान के लिए प्रेरित किया।
सम्मेलन में प्रो. अंजली गोयल, प्रो. आरके शुक्ला, प्रो. आभा शुक्ला, डॉ. राजदीप मलिक, डॉ. सुहास, डॉ. मनीला तथा डॉ. जसपाल सिंह, डॉ. जे. आर. मीना सहित विभिन्न विशेषज्ञों एवं शिक्षाविदों ने सहभागिता की। विशेषज्ञों ने अपने व्याख्यानों के माध्यम से प्रतिभागियों को नवीन वैज्ञानिक अवधारणाओं, अनुसंधान की वर्तमान दिशा तथा भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया। सम्मेलन के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों एवं संस्थानों से आए प्रतिभागियों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न शोध-पत्र एवं वैज्ञानिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। जैवबहुलक, नैनो पदार्थ, हरित रसायन, सतत सामग्री, पर्यावरण संरक्षण तथा नवीन सामग्री विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श किया गया। प्रतिभागियों को विशेषज्ञों के साथ संवाद करने तथा अपने शोध कार्य के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त करने का अवसर मिला।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन ने युवा शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को अपने अनुसंधान कार्य को वैज्ञानिक समुदाय के समक्ष प्रस्तुत करने तथा विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया। सम्मेलन के माध्यम से अनुसंधान सहयोग, नवाचार एवं अंतर्विषयी शोध को भी प्रोत्साहन मिला।
कार्यक्रम के सम्मेलन सचिव डॉ. रविंदर कुमार ने सम्मेलन के सफल संचालन, समन्वय एवं व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
सम्मेलन के समापन अवसर पर आयोजन समिति की ओर से सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद किया गया। यह राष्ट्रीय सम्मेलन रसायन विज्ञान, जैवबहुलकों एवं सतत सामग्रियों के क्षेत्र में ज्ञान-विनिमय, अनुसंधान सहयोग एवं नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। सम्मेलन के सफल आयोजन में डॉ. जे. आर. मीना का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने सम्मेलन के आयोजन एवं समन्वय में सक्रिय भूमिका निभाते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।









