हरिद्वार

अजीतपुर के युवाओ ने एम्स पहुँच कर सुनील के प्राणो के लिए किया रक्तदान

गगन शर्मा सह सम्पादक

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। ​हरिद्वार के अजीतपुर गाँव से बुलचंद के बेटे सुनील (मास्टर) को कावड मेले के समय सड़क दुर्घटना में ब्रेन हेमरेज हो गया था। जिनको इलाज के लिए ऋषिकेश एम्स में भर्ती कराया गया। सुनील का पहला ऑपरेशन 13 अगस्त को हुआ था और दूसरा बड़ा ऑपरेशन 17 अगस्त को संपन्न हुआ। डॉक्टर द्वारा ब्लड/प्लेटलेट्स की तत्काल आवश्यकता बताई गयी थी। जिसके लिए अजीतपुर से प्रखर कश्यप और उनकी पूरी टीम एम्स ऋषिकेश पहुंचे। प्रखर कश्यप का सुनील के लिए उनका 29वां रक्तदान पूर्ण हुआ। इसके अलावा प्रखर कश्यप कई बार प्लेल्ट्स भी डोनेट कर चुके है। प्रखर कश्यप कहते है कि वो ईश्वर का धन्यवाद करते है कि उन्हे इस काबिल बनाया कि वो अपना रक्त देकर किसी की जान बचाने का माध्यम बन सके। उनके अनुसार किसी ज़रूरतमंद के काम आना ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। जबकि गांव से ही जॉनी कश्यप का यह 5वां रक्तदान था। इसके अलावा उनकी टीम से गौरव, नवीन और मनीष ने जीवन में पहली बार रक्तदान कर अन्य युवाओ के लिए एक बेहतरीन मिसाल कायम की। प्रखर कश्यप और “हरिद्वार की गूंज” टीम ने इन सभी युवा साथियों के जज़्बे को नमन किया है। जॉनी कश्यप के अनुसार ​रक्तदान करने से उन्हे खुशी और आत्मसंतुष्टि मिलती है। उन्होंने ओरो के लिए बताया कि रक्तदान करने से शरीर में कोई कमजोरी नहीं आती, बल्कि नए रक्त का निर्माण होता है। रक्तदान करने से रक्त प्रवाह बेहतर होता है और हृदय रोगों का खतरा कम होता है। शरीर में तेजी से नई और स्वस्थ ब्लड सेल्स बनती हैं।
​रक्तदान करने के साथ शरीर का बेसिक हेल्थ चेकअप भी हो जाता है। अजीतपुर की इस टीम ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि सुनील (मास्टर) जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर उनके बीच लौटें। उन्होंने अन्य लोगो से भी अपील की है कि रक्तदान करने से कभी न हिचकिचाएं—आपका यह छोटा सा कदम किसी परिवार की खुशियां लौटा सकता है।

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