हरिद्वार

श्रद्धा भक्ति आश्रम के महंत रामगोविन्ददास हत्याकांड में 50 हजार का इनामी सौरभ गिरफ्तार

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। कनखल पुलिस और एसटीएफ देहरादून की संयुक्त टीम ने श्रद्धा भक्ति आश्रम, ज्ञानलोक कॉलोनी कनखल के महंत रामगोविन्ददास हत्याकांड में लंबे समय से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त सौरभ को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी वर्ष 2024 से फरार चल रहा था। उसे 20 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक श्रद्धा भक्ति आश्रम के महंत रामगोविन्ददास 15 जून 2024 को धर्म प्रचार के लिए राजस्थान जाने की बात कहकर आश्रम से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। इस संबंध में 17 अक्टूबर 2024 को कनखल थाने में गुमशुदगी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान आश्रम के कार्यकर्ताओं और महंत के परिचितों से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने महंत को नशीले इंजेक्शन देकर बेहोश करने और इसके बाद उनकी हत्या कर शव गंगा नदी में फेंकने की बात स्वीकार की।

आश्रम पर कब्जे की थी कथित साजिश

पुलिस के अनुसार हत्याकांड के पीछे श्रद्धा भक्ति आश्रम पर कब्जा करने की साजिश सामने आई। जांच में यह भी सामने आया कि आश्रम को करीब 10 करोड़ रुपये में बेचने की योजना बनाई जा रही थी। आरोपियों पर महंत के नाम से कथित फर्जी वसीयतनामा तैयार कर आश्रम से आर्थिक लाभ कमाने की योजना बनाने का भी आरोप है। पुलिस के अनुसार 19 अक्टूबर 2024 को मामले में योगी राम गोपाल नाथ, अशोक कुमार, ललित और संजीव को गिरफ्तार किया गया था, जबकि सौरभ और प्रदीप फरार चल रहे थे। फरार अभियुक्त सौरभ पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। अब कनखल पुलिस और एसटीएफ देहरादून की संयुक्त कार्रवाई में सौरभ को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक देवेन्द्र सिंह रावत, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज गैरोला, अपर उपनिरीक्षक हितेश कुमार, हेड कांस्टेबल संजय कुमार, हेड कांस्टेबल देवेन्द्र ममगाईं एवं हेड कांस्टेबल वीरेन्द्र नौटियाल। एसटीएफ देहरादून: उपनिरीक्षक नरोत्तम सिंह बिष्ट। पुलिस के अनुसार मामले की विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्याकांड तथा आश्रम से संबंधित कथित साजिश की जांच आगे भी जारी है।

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