वसुधैव कुटुम्बकम फाउंडेशन की अनूठी पहल
33 जरूरतमंद बच्चों संग मनाया मदर डे, सूक्ष्म जलपान के साथ बांटी शिक्षा सामग्री

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(चिराग कुमार) हरिद्वार। सेवा और संस्कार को समर्पित वसुधैव कुटुम्बकम फाउंडेशन द्वारा रविवार को कनखल आर्यनगर रोड स्थित पतंजलि योगधाम आश्रम में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिक्षा दान-महादान एवं मातृशक्ति को नमन के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 33 जरूरतमंद, वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा सामग्री वितरित की गई। इस अवसर को और विशेष बनाने के लिए बच्चों के साथ मदर डे भी मनाया गया। बच्चों ने अपनी ‘फाउंडेशन की माताओं’ के साथ केक काटा और उनके प्रति आभार व्यक्त किया। संस्था द्वारा सभी बच्चों एवं उपस्थित जनों के लिय अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई थी, जिसका सभी ने आनंद लिया। बच्चों को शिक्षा सामग्री भेंट की। सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। फाउंडेशन की अध्यक्ष रेनू अरोड़ा ने अपने संबोधन में कहा एक शिक्षित बच्चा ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण करता है। हमारा प्रयास है कि आर्थिक तंगी किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा न बने। आज मदर डे पर हमने इन बच्चों को यह एहसास कराया कि समाज ही इनका परिवार है और हम सब इनकी माताएं हैं। वसुधैव कुटुम्बकम केवल नारा नहीं, हमारा संकल्प है। इन मासूमों की मुस्कान और आँखों की चमक ही हमारी संस्था की असली पूंजी है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे सेवा प्रकल्प जारी रखने का संकल्प दोहराया। सारा संसार हमारा परिवार है, और हर बच्चे की शिक्षा हमारी जिम्मेदारी है। संस्था की उपाध्यक्ष प्रीति आहूजा ने कहा शिक्षा से सेवा, सेवा से संस्कार माँ सिर्फ जन्म देने वाली ही नहीं होती, जो ममता दे वो भी माँ है। आज हमने इन बच्चों को गोद भर का प्यार देकर यही साबित किया है। शिक्षा के साथ संस्कार देना भी हमारा दायित्व है। जब तक समाज का आखिरी बच्चा पढ़ लिखकर सक्षम नहीं हो जाता, हमारी सेवा यात्रा रुकने वाली नहीं है। मैं खुद एक विद्यालय में शिक्षिका हूं इसलिए हमारा मानना है पढ़ेगा भारत, तभी तो बढ़ेगा भारत। एक कॉपी, एक किताब किसी बच्चे का भविष्य बदल सकती है। इस पुण्य कार्य में संस्था की निधि अग्रवाल, विनीता सिकोरिया, सोनिया अरोड़ा, संगीता, निधि चावला, रुचि तनेजा, रुचि अरोड़ा, सोनिया भाटिया सहित अन्य महिला सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी सदस्यों ने बच्चों के साथ आत्मीयता से समय बिताया, उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और मातृवत स्नेह दिया। कार्यक्रम के अंत में आश्रम प्रबंधन एवं सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और मातृशक्ति के सम्मान की मंगलकामना की गई।









