जनपद में 15 दिन में दिखे स्वच्छता व्यवस्था का असर, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: डीएम मयूर दीक्षित
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जनपद में कचरा एवं ठोस अपशिष्ट के प्रभावी निस्तारण को लेकर जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत, पंचायतीराज विभाग तथा खंड विकास अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सफाई व्यवस्था को गंभीरता से संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026, देश में कचरा प्रबंधन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लेकर आए हैं। 1 अप्रैल 2026 से लागू इन नियमों का मुख्य उद्देश्य कचरे के पृथक्करण, प्रसंस्करण एवं सुरक्षित निस्तारण को अधिक जवाबदेह और डिजिटल बनाना है। इसके लिए सभी विभाग नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घरों, फैक्ट्रियों, दुकानों, होटल-ढाबों तथा चिकित्सालयों से निकलने वाले कूड़े-कचरे के उचित निस्तारण हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने विशेष रूप से गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण पर जोर देते हुए प्लास्टिक कचरा, मेडिकल वेस्ट, सेनेटरी नैपकिन और डायपर के सुरक्षित निस्तारण के लिए कूड़ा वाहनों में चार अलग-अलग कंटेनर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी 15 दिनों के भीतर सफाई व्यवस्था का असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए। यदि किसी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई या कूड़े का उचित निस्तारण नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी कर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिलाधिकारी ने नोडल अधिकारी स्वच्छता कंट्रोल रूम को भी निर्देशित किया कि सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की सूची तैयार कर उन्हें उपलब्ध कराई जाए। साथ ही जिन अधिकारियों द्वारा कंट्रोल रूम को नियमित सूचना उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनपद हरिद्वार चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। हर की पौड़ी सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को स्वच्छ एवं सुंदर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने कहा कि विगत एक वर्ष से प्रशासन, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, धार्मिक संस्थाओं एवं स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा था, लेकिन वर्तमान में इसकी गति धीमी पड़ गई है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि पूर्व की भांति जनसहभागिता के साथ स्वच्छता अभियान को पुनः गति दी जाए, ताकि तीर्थनगरी हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाया जा सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ ललित नारायण मिश्र, मुख्य नगर आयुक्त रुड़की राकेश चंद्र तिवारी, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल, नोडल स्वजल चंद्रकांत मणि त्रिपाठी, जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत राकेश खंडूरी, उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी सहित विभिन्न निकायों एवं विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।









