तीर्थ नगरी हरिद्वार में धार्मिक संस्थाओं की संपत्तियों के कब्जे को लेकर बढ़ते विवाद आखिर कौन जिम्मेदार
चर्चा: हरिद्वार में आश्रम धर्मशाला की करोड़ों की संपत्ति पर रहती है भू माफियाओं की नजर

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(राजेश पसरीचा) देहरादून। उत्तराखंड की डबल इंजन सरकार द्वारा जहां अपराध मुक्त प्रदेश बनाए जाने हेतु कड़े प्रयास किए जा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर तीर्थ नगरी हरिद्वार में धार्मिक संस्थाओं की संपत्तियों को लेकर बढ़ते विवाद से उत्तराखंड की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं वहीं पिछले काफी समय से तीर्थ नगरी हरिद्वार में सीकरोड़ों की लागत से बने कई आश्रम धर्मशाला पर बड़े विवाद चल रहे हैं। जिसमें आए दिन बड़े बड़े संत महात्मा पुलिस अधिकारियों एवं कोर्ट कचहरी में गुहार लगाते हुए देखे जाते हैं। लेकिन कहीं न कहीं हरिद्वार में धार्मिक संस्थाओं की संपत्तियों पर विवाद बढ़ते नजर आ रहे हैं। वहीं उत्तरी हरिद्वार भूपतवाला खड़खडी क्षेत्र स्थित कमलदास कुटिया का एक बड़ा मामला सामने आया है जहां कुछ लोगों द्वारा एक संत के साथ बुरी तरह से मारपीट की गई है। मारपीट की सारी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। संत के साथ हुई मारपीट की सूचना पुलिस को दी गई है। वहीं कमलदास कुटिया में दिनदहाड़े हुई मारपीट की घटना से कहीं न कहीं कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं चर्चा यह बनी हुई है कि जहां हरिद्वार की धार्मिक संस्थाओं की संपत्तियाँ खतरे में दिख रही हैं तो आम जनता अपनी सुरक्षा की उम्मीद कैसे करेगा। फिलहाल हरिद्वार जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों को हरिद्वार की धार्मिक संस्थाओं में चल रहे विवादों पर ध्यान देते हुए निष्पक्ष जांच कर पीड़ितों को न्याय दिलाए जाने हेतु प्रयास करने चाहिए। जिससे तीर्थ नगरी हरिद्वार में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।









