
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(इमरान देशभक्त) रुड़की। नगर निगम सफाई कर्मियों द्वारा कई दिनों से लगातार जारी हड़ताल के चलते नगर में जगह-जगह कूड़े के अंबार लग गए हैं तथा कूड़े के ढेर से उठ रही बदबू से नगरवासी बेहद परेशान हैं। नगर निगम की ओर से घर-घर कूड़ा उठाने की व्यवस्था को निजी कंपनी को सौंपने के निर्णय के विरोध में सफाई कर्मियों द्वारा की जा रही हड़ताल के कारण नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है और जगह-जगह गंदगी पसरी हुई है। सफाई कर्मियों की मांग है कि 2003 एवं 2004 से कार्य कर रहे सभी कर्मचारियों को पक्का किया जाए।तीस हजार मासिक मानदेय दिया जाए। मृतक स्वच्छता समिति आउटसोर्स कर्मचारी के परिवार को नियुक्ति एवं भुगतान पेंशन दी जाए तथा हटाए गए कर्मचारियों को वापस कार्यों पर रखा जाए। इन मांगों को लेकर देवभूमि निकाय संयुक्त कर्मचारी महासंघ संबंध भारतीय मजदूर संघ सफाई कर्मचारी यूनियन के बैनर तले सफाई कर्मचारियों ने अनिश्चितकाल हड़ताल कर रखी है। आज पांचवें-छठे दिन भी सफाई कर्मियों ने अपनी हड़ताल जारी रखी। भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नरेश घोघलिया ने कहा कि जब तक सफाई कर्मचारियों की मांगे पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। विरोध जताने वालों में शाखा अध्यक्ष दिनेश, विमला देवी आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे, वही नगर आयुक्त राकेश चंद तिवारी ने सभागार में स्वास्थ्य अनुभव सहित अन्य अनुभवों के अधिकारियों कर्मचारियों और सुपरवाइजर के साथ बैठक की तथा हड़ताल करने वाले कर्मचारियों की सूची बनाने को कहा है। कल मेयर अनीता देवी अग्रवाल, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य विनय प्रताप तथा नगर आयुक्त राकेश चंद्र तिवारी ने हड़ताली कर्मियों से वार्ता की घंटों तक चली। वार्ता में अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा, लेकिन कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती तब तक उनका धरना जारी रहेगा।









