
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(नीटू कुमार) हरिद्वार। हिंदू नव वर्ष एवं चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर श्री अखंड परशुराम अखाड़ा द्वारा जिला कारागार रोशनाबाद हरिद्वार जेल सर्वजन कल्याण हेतु श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है कथा के पंचम दिवस भागवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री जी ने ब्रज मंडल में स्थित गोवर्धन की महिमा का वर्णन करते हुए बताया एक बार पुलस्त्य मुनि भ्रमण करते हुए द्रोणाचल पर्वत पर जा पहुंचे वहां पर उन्होंने द्रोणाचल पर्वत का पुत्र गोवर्धन पर्वत को देखा गोवर्धन को देख कर के पुलस्त्य मुनि के मन में आया कि मैं गोवर्धन को काशी नगरी में ले जाकर स्थापित करु द्रोणाचल पर्वत एवं गोवर्धन पर्वत दोनों ने विचार किया अगर पुलस्त्य मुनि की आज्ञा का पालन नहीं करते हैं तो मुनि श्राप दे देंगे गोवर्धन ने पुलस्त्य मुनि के सामने शर्त रखी कि आप जहां भी मुझे स्थापित करोगे मैं वहां से आगे नहीं बोलूंगा पुलस्त्य मुनि ने गोवर्धन की इस शर्त को स्वीकार करके अपनी हथेली के ऊपर गोवर्धन को धारण किया और आकाश मार्ग से काशी नगरी के लिए प्रस्थान किया गोवर्धन ने जब ब्रज मंडल को देखा स्मरण आया कि यहां पर मेरे प्रभु श्री कृष्ण का प्राकट्य होने वाला है मुझे कृष्ण लीला में सम्मिलित होना है गोवर्धन ने अपना वजन बढ़ाया पुलस्त्य मुनि शर्त को भूल गए और गोवर्धन को नीचे रखकर विश्राम किया जब गोवर्धन को उठाने लगे तो गोवर्धन नहीं उठे गोवर्धन ने कहा कि आपके और हमारे बीच जो शर्त हुई थी उसको आप याद कीजिए अब में यहीं पर रहूंगा और भगवान श्री कृष्ण की लीला में सम्मिलित होउगा यह सुनकर के पुलस्त्य मुनि को क्रोध आ गया और गोवर्धन को श्राप दिया कि आज से तुम प्रतिदिन तिल मात्र घटते जाओगे जिस दिन तुम्हारा अस्तित्व मिट जाएगा उसी दिन महाप्रलय होगा तभी से गोवर्धन प्रतिदिन तिल मात्र घट रहे हैं गोवर्धन का यह समर्पण देखकर के स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन का पूजन किया और सभी ब्रज वासियों से गोवर्धन का पूजन कराया और भगवान श्री कृष्ण ने कहा कि आज से जो गोवर्धन का पूजन करेगा गोवर्धन की परिक्रमा करेगा गोवर्धन का दर्शन करेगा उसके समस्त पाप नष्ट हो जाएंगे और वह मेरे वैकुंठ लोक का अधिकारी बन जाएगा यहां तक कि देवराज इंद्र ने भी गोवर्धन का पूजन एवं गोवर्धन की परिक्रमा की
पंचम दिवस की कथा में शास्त्री जी जीने भगवान श्री कृष्ण की माखन चोरी लीला,चिर चोरी लीला एवं ओम भगवान की सुंदर सुंदर बाल लीलाओं का श्रवण कराया एवं सभी भक्तों ने 56 प्रकार भोग अर्पण कर गोवर्धन का पूजन किया जेल अधीक्षक मनोज आर्य ने बताया भागवत कथा से जितने भी बंदी हैं सबके जीवन में एक नया उत्साह नहीं उमंग उत्पन्न हो रही है बहुत सारे बंधिया के जीवन में परिवर्तन आ रहा है श्री अखंड परशुराम अखाड़ा राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक जी ने बताया प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में सत्कर्म करना चाहिए ओके सत्कर्म से ही हम अपना एवं अपने पितरों का उद्धार कर सकते हैं। इस अवसर पर कारागार प्रशासन से उपस्थित अश्वनी राय, स्वामी कार्तिक गिरी जी महाराज, नीरेंद्र गौतम, डॉ राकेश गैरोला, दिनेश बाली, मुख्य फार्मेसी अधिकारी, सोमदेव प्रभारी जेलर, प्रमोद दानु, डिप्टी जेलर, दीन दयाल, सुनील कुमार, मुकुल कम्बोज, इंद्रपाल शर्मा, संजय शर्मा, पंकज शर्मा, दीपक भारद्वाज, वीके त्रिपाठी, अंकित शर्मा, कपिल शर्मा, अरुण कांत शर्मा, अजय शर्मा,सतीश त्यागी, सुंदर सिंह रावत, नवनीत मोहन, मुकेश कुमार शर्मा, सतीश तिवारी, पंडित सचिन पैन्यूली, पंडित आदित्य जागुड़ी, बलविंदर चौधरी, कुलदीप शर्मा, मनोज ठाकुर, जलज कौशिक, बृजमोहन शर्मा संजू अग्रवाल आदि ने भागवत पूजन सम्पन्न किया।









