हरिद्वार

डेंगू पर सख्त हुआ जिला प्रशासन, डीएम मयूर दीक्षित बोले-जनपद में नहीं होनी चाहिए एक भी मौत

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। मानसून सीजन से पहले डेंगू के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में डेंगू से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए डेंगू रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति अपनाएं। बैठक में जिला, तहसील और विकासखंड स्तर के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। जिलाधिकारी ने नगर निगम, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों, जिला पंचायत, पंचायतीराज, शिक्षा विभाग और बाल विकास विभाग को स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर व्यापक स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि मानसून के दौरान जलभराव डेंगू फैलने का प्रमुख कारण बनता है, इसलिए समय रहते जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नालियों की नियमित सफाई, झाड़ियों की कटान और स्वच्छता अभियान तेज करने के निर्देश दिए, ताकि डेंगू के मच्छरों के लार्वा पनपने की संभावना समाप्त की जा सके। स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जिला चिकित्सा अधिकारी और जिला मलेरिया अधिकारी को निर्देशित किया कि डेंगू जांच की पर्याप्त व्यवस्था, मरीजों के लिए अलग वार्ड, ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की उपलब्धता और आवश्यक दवाइयों का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विद्यालयों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए गए कि अभिभावकों को जागरूक किया जाए कि बच्चों को पूर्ण आस्तीन के कपड़े पहनाकर स्कूल भेजें। साथ ही स्कूलों में डेंगू से बचाव को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। जिलाधिकारी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक सप्ताह में कम से कम एक घंटा अपने घर और आसपास की साफ-सफाई के लिए अवश्य निकाले। उन्होंने कहा कि घरों और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें, ताकि डेंगू फैलाने वाले मच्छरों का प्रजनन रोका जा सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, एसपी ट्रैफिक निशा यादव, जिला मलेरिया अधिकारी चंद्रमोहन कंसवाल, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गंभीर तलियांन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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