जनसुनवाई में 51 शिकायतें दर्ज, 22 का मौके पर निस्तारण
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया है। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित 51 शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज की गईं, जिनमें से 22 समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के लिए भेजा गया। जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल, राशन कार्ड सहित विभिन्न मामलों से संबंधित शिकायतें सामने आई। ग्राम गाजीवाली निवासी सरस्वती देवी ने पेंशन संख्या में संशोधन की मांग की। मीरपुर मुआजरपुर निवासी मास्टर सुभाष चंद्र ने सड़क पर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाए जाने से मकान में जलभराव की समस्या बताते हुए दोनों ओर नाली निर्माण की मांग की। ग्राम धारीवाला शाहपुर शीतलाखेड़ा निवासी वेदपाल ने मौजा भोगपुर परगना ज्वालापुर स्थित खसरा नंबर 442/12 की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत करते हुए कब्जा हटाने की मांग की।
हिमालयन बुक्सा आदिम जनजाति उत्थान समिति ने ग्राम पंचायत लालढांग, रसूलपुर, मीठीबेरी, गेंड़ीखाता, समसपुर, इंद्रानगर, जसपुर एवं नयागांव आदि क्षेत्रों में बुक्सा जनजाति की कृषि भूमि को प्रतिबंध के बावजूद प्रॉपर्टी डीलरों को बेचे जाने और भूमि खुर्द-बुर्द किए जाने के मामलों में कार्रवाई की मांग की। ग्राम कलालहरी निवासी सागर जोशी ने ग्राम कटोन्दी मुस्तहकम, परगना भगवानपुर, तहसील रुड़की स्थित कृषि भूमि की खसरा-खतौनी की कंप्यूटरीकृत प्रति उपलब्ध कराने की मांग की। देवभूमि पूर्व सैनिक कल्याण समिति ने मिलन केंद्र के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। वहीं निर्मल दास, हीरालाल एवं अनूप कुमार ने हरकी पौड़ी के निकट भीमगोड़ा रोड स्थित हनुमान मंदिर के पीछे पहाड़ी खोदकर किए जा रहे निर्माण को रोकने की मांग की। ग्राम दादूबास मजरा लालवाला निवासी शकूर ने बताया कि 30 मार्च 2025 को उनके घर में आग लग गई थी, जिसके कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का त्वरित, समयबद्ध एवं संवेदनशीलता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, उनमें संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से मौके पर जाकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई में क्षेत्रवासियों द्वारा दर्ज कराई गई समस्याओं को अधिकारी शीर्ष प्राथमिकता देते हुए गंभीरता से लें और शिकायतकर्ता को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए। विशेष रूप से 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान एल-1 स्तर पर 537 तथा एल-2 स्तर पर 115 शिकायतें निस्तारण के लिए लंबित पाई गईं। अधिकारियों को इन शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. लालित नारायण मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता, परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत, लोनिवि अधिशासी अभियंता योगेश कुमार, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, डीपीआरओ मुस्तफा खां, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी, उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, परियोजना अधिकारी उरेडा युद्धवीर सिंह बिष्ट सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादी मौजूद रहे।









