साबिर पाक के दरबार में पहुंचे फरीद प्रधान, मांगी अमनो-चैन की दुआएं
अलीगढ़ से कलियर शरीफ पहुंचकर दरगाह पर पेश की फूल-चादर, ASP के बैनर तले जायरीनों को बांटा लंगर

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। पिरान कलियर शरीफ स्थित विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक का 758वां सालाना उर्स इन दिनों अकीदत और एहतराम के साथ जारी है। उर्स के मुबारक मौके पर देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों की संख्या में जायरीन कलियर शरीफ पहुंच रहे हैं। दरगाह परिसर में हर तरफ अकीदत, इबादत, सेवा और भाईचारे का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। उर्स में शामिल होने पहुंचे आज़ाद समाज पार्टी के अलीगढ़ विधानसभा क्षेत्र-76 के प्रत्याशी फरीद प्रधान ने भी पिरान कलियर पहुंचकर हजरत साबिर पाक के दरबार में हाजिरी लगाई है। उन्होंने दरगाह पर फूल और चादर पेश कर देश में अमन, शांति, खुशहाली और आपसी भाईचारे की दुआएं मांगी है। इस दौरान आजाद समाज पार्टी के बैनर तले जायरीनों और अकीदतमंदों के लिए लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। लंगर के माध्यम से फरीद प्रधान और पार्टी कार्यकर्ताओं ने जरूरतमंदों की सेवा करते हुए इंसानियत, मोहब्बत और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया है। लंगर के दौरान पार्टी के मंडल अध्यक्ष मोनू जाटव ने कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में जरूरतमंदों की सेवा करना इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल है। भूखे को भोजन कराना केवल सेवा ही नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला कार्य भी है। उन्होंने कहा कि हजरत साबिर पाक का दरबार सदियों से प्रेम, मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता आया है। उन्होंने कहा कि साबिर पाक की परंपरा में लंगर और सेवा का विशेष महत्व रहा है। यही वजह है कि उर्स के मौके पर देश के कोने-कोने से आने वाले जायरीनों के बीच सेवा और सद्भाव की भावना दिखाई देती है। उन्होंने बताया कि फरीद प्रधान द्वारा हर वर्ष उर्स के मौके पर लंगर का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी उन्होंने उर्स में पहुंचकर जायरीनों के लिए लंगर की व्यवस्था की। लंगर में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर भोजन ग्रहण किया और आयोजन की सराहना की है। लंगर में शामिल लोगों ने फरीद प्रधान के इस प्रयास को सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करने वाली पहल बताया है। लंगर वितरण में पहुंचे लोगों का कहना था कि ऐसे आयोजन समाज में नफरत की दीवारों को कमजोर कर इंसानियत और मोहब्बत का संदेश मजबूत करते हैं। पिरान कलियर की धरती पर उर्स के दौरान उमड़ने वाली अकीदतमंदों की भीड़ और विभिन्न समुदायों के लोगों की सहभागिता एक बार फिर यह संदेश देती नजर आई कि मजहब से ऊपर इंसानियत है और मोहब्बत व भाईचारा ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है।









