
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(राजेश कुमार) देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के 14 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया जाएगा। सम्मान पाने वालों में हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह का नाम भी शामिल है। उन्हें विशिष्ट कार्य के लिए यह पदक प्रदान किया जाएगा। नवनीत सिंह के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस ने इस वर्ष कांवड़ मेले के दौरान बड़ी चुनौती के बीच यातायात, भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाला। देशभर से पहुंचे करोड़ों कांवड़ यात्रियों की भीड़ के बीच रूट डायवर्जन, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस की रणनीति का असर साफ दिखाई दिया। कांवड़ मेले के अलावा अपराध नियंत्रण के मोर्चे पर भी हरिद्वार पुलिस ने कई महत्वपूर्ण कार्रवाई कीं। वाहन चोरी, नशा तस्करी, अवैध शराब और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस ने गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार किया। कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में भी पुलिस की सक्रियता लगातार बनी रही। वहीं देहरादून में अभिसूचना विभाग (एलआईयू) में तैनात रहे इंस्पेक्टर मनोज मनराल को मरणोपरांत मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया जाएगा। कुछ दिन पहले उनका निधन हुआ था। उन्हें विशिष्ट कार्य के लिए सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक के लिए कुल 14 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों का चयन किया गया है। इनमें आठ का चयन सेवा के आधार पर और छह का चयन विशिष्ट कार्य के लिए किया गया है। सेवा के आधार पर सम्मानित होने वालों में आईजी नीलेश आनंद भरणे, एएसपी रेवाधर मठपाल, सीओ भास्कर लाल शाह, सीओ त्रिवेंद्र सिंह राणा, सीओ मनीष जस्वाल, निरीक्षक गिरीधर सिंह रावत, निरीक्षक मोहम्मद यासीन और गुल्मनायक दिनेश चंद्र शामिल हैं। विशिष्ट कार्य के लिए दिवंगत इंस्पेक्टर मनोज मनराल, दिवंगत उपनिरीक्षक विनोद कुमार, आईजी सुनील कुमार मीणा, एसएसपी नवनीत सिंह, एएसपी शान्तनु पराशर और सीओ मनोज असवाल को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया जाएगा। वहीं एसएसपी नवनीत सिंह को यह सम्मान मिलना हरिद्वार पुलिस के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। कांवड़ मेले जैसी विशाल धार्मिक यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने के साथ अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में किए गए कार्यों को इस सम्मान से मान्यता मिली है।









