हरिद्वार

ड्रीम सिटी प्रोजेक्ट में लाखों रुपए हड़पे, मृतक बिल्डर की पत्नी ने कराया मुकदमा दर्ज

फिरोज अहमद समाचार सम्पादक

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) हरिद्वार। हरिद्वार में ड्रीम सिटी आवासीय परियोजना में साझेदार द्वारा धोखाधड़ी कर लाखों रुपए, जमीन हड़पने का बड़ा विवाद सामने आया है। जहां मृतक बिल्डर सुरेंद्र पाल विर्क की पत्नी ने पूर्व पार्टनरशिप में शामिल रवि चौहान पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लाखों रुपए की एफडीआर व संपत्ति हड़पने के आरोप लगाए है। जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शहर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी हुआ।

आरोप लगाते हुए मृतक बिल्डर की पत्नी ने बताया कि हरिद्वार में कृषि भूमि खरीद कर ड्रिम सिटी के नाम पर वर्ष 2013-14 में आवासीय कॉलोनी विकसित की गई, जिसका ले-आउट संख्या 141, वर्ष 2013-14 हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण से स्वीकृत 17 जून 2014 को कराया गया। जिसके संबंधन में स्व० सुरेन्द्र पाल विर्क द्वारा बताया गया था कि उनके एवं रवि चौहान द्वारा सिक्योरिटी के रूप में एक एफडीआर 23,17,000/-रूपये हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण में जमा करायी गयी थी।

मृतक की पत्नी ने बताया कि सुरेन्द्र पाल सिंह विर्क की मृत्यु वर्ष 2015 में असामान्य परिस्थितियों में हो गयी थी। मृत्यु के पश्चात ड्रीम सिटी अवासीय कॉलोनी में उनके साझेदार रवि चौहान द्वारा बदनियती पुर्वक धोखाधडी कर 8 जनवरी 2016 को एक झूठा शपथ पत्र हरिद्वार-रुडकी विकास प्राधिकरण के समक्ष कर फर्जी हस्ताक्षर करते हुए एफडीआर में से 13,17,000/- रुपए अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा दिए गए।

आरोप लगाया कि रवि चौहान द्वारा प्रार्थिनी एवं बच्चो की मानसिक व भावनात्मक स्थित का फायदा उठाते हुये कई अन्य भूमियों में भी ठगी कर कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि 23 अप्रैल 2026 को इस संबंध में रवि चौहान से बात की तो उसने और उसके बेटे ऋषभ चौहान ने कथित तौर पर बाडीगार्डों के सामने उन्हें धमकाया और जमीन का दावा छोड़ने को कहा गया।

जानकारी के मुताबिक शिकायत के अनुसार कॉलोनी परियोजना के लिए सुरक्षा मद में कुल 23 लाख 17 हजार रुपये की पांच एफडीआर हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण में जमा कराई गई थीं। इनमें चार एफडीआर पांच-पांच लाख रुपये और एक एफडीआर 3.17 लाख रुपये की थी।

वहीं इस बाबत पर शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एफडीआर और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

Back to top button