हरिद्वार

जनकल्याण शिविरों में उमड़ी लोगों की भागीदारी, 512 शिकायतों व आवेदनों का मौके पर ही निस्तारण

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में जनपद हरिद्वार के नगर निगम, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों एवं विकास खंडों में आयोजित जनकल्याण शिविरों को क्षेत्रवासियों का व्यापक समर्थन मिला। शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की तथा अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। प्रशासन ने सभी प्राप्त आवेदनों का शत-प्रतिशत निस्तारण करते हुए जनसेवा की मिसाल पेश की। जनपद में 17 जून से 20 जून 2026 तक आयोजित किए जा रहे इन जनकल्याण शिविरों का उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी और विकासपरक योजनाओं को आमजन तक पहुंचाना तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। शिविरों में लोगों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर ही उनकी समस्याओं का समाधान भी किया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार विभिन्न शिविरों में कुल 512 आवेदन एवं शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा तत्काल निस्तारण किया गया। वहीं कुल 3,357 क्षेत्रवासियों ने शिविरों में प्रतिभाग कर योजनाओं की जानकारी हासिल की और लाभ प्राप्त किया।
रुड़की नगर निगम में आयोजित शिविर में 23 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि मंगलौर नगर पालिका में 17 और इमलीखेड़ा नगर पंचायत में 29 आवेदन आए। इसके अलावा रामपुर, कोटा कल्याणपुर, मेवाड़ खुर्द, बाहादरपुर खादर, निरंजनपुर, भीकमपुर जीतपुर, अकोड़ा कला, रायसी, मोहम्मदपुर बुजुर्ग, सुल्तानपुर आदमपुर और मुंडाखेड़ा कला सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों में भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर लोगों को आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि, लखपति दीदी, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ समेत कई जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। पात्र व्यक्तियों को योजनाओं से जोड़ने के लिए मौके पर ही आवश्यक प्रक्रिया भी पूरी कराई गई। शिविरों में खंड विकास अधिकारी, नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि ऐसे शिविरों के माध्यम से सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

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