Video: खाद की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा
किसानों के हक पर डाका-भाकियू भानु का छापा, ट्रक पकड़ा
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) हरिद्वार। लक्सर से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां किसानों के हक की यूरिया खाद पर कालाबाजारी का संगठित खेल बेनकाब हुआ है। रात के अंधेरे में गन्ना समिति के गोदाम से खाद की बोरियां ट्रक में भरकर बाहर भेजी जा रही थीं, लेकिन किसानों की सतर्कता ने पूरे खेल का भंडाफोड़ कर दिया। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर किसानों की खाद किसके इशारे पर बाहर बेची जा रही थी, एक तरफ लक्सर क्षेत्र का किसान खाद की कमी से जूझ रहा है खेतों में खड़ी फसल को बचाने के लिए दर-दर भटक रहा है
तो वहीं दूसरी तरफ गन्ना समिति के गोदाम से उन्हीं किसानों के हिस्से की यूरिया खाद रात के अंधेरे में चोरी-छिपे बाहर भेजी जा रही थी। सूत्रों के मुताबिक, गन्ना समिति के कर्मचारियों की मिलीभगत से गोदाम से यूरिया की बोरियां ट्रक में लादी जा रही थीं। इस खेप को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी थी।
जैसे ही इस पूरे खेल की भनक किसानों को लगी, सैकड़ों की संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए और गन्ना समिति परिसर में जमकर हंगामा हुआ।
किसानों का सीधा आरोप है कि उनकी खाद को सुनियोजित तरीके से कालाबाजारी कर बाहर भेजा जा रहा था। देर रात इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला और भी गरमा गया। भारतीय किसान यूनियन भानु के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और मोर्चा संभालते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। यूनियन ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए एसडीएम से शिकायत की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं गन्ना समिति के सचिव सूरजभान सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि जिन कर्मचारियों पर आरोप हैं, उन्हें कुछ दिन पहले ही हटा दिया गया था और अब पूरे मामले की विभागीय जांच कराई जा रही है। लेकिन बड़ा सवाल अब भी जस का तस है क्या इस पूरे खेल में सिर्फ कर्मचारी शामिल थे या फिर ऊपर से नीचे तक पूरा नेटवर्क सक्रिय था, क्योंकि जब किसान खाद के लिए लाइन में खड़े थे उसी वक्त उनके हिस्से की खाद ट्रकों में भरकर बाहर भेजी जा रही थी। अब जांच की सुई उन तमाम चेहरों की तरफ घूम रही है जो अब तक पर्दे के पीछे रहकर इस खेल को अंजाम दे रहे थे।
अगर जांच निष्पक्ष हुई तो इस कालाबाजारी के खेल में शामिल कई बड़े नामों का खुलासा होना तय माना जा रहा है। फिलहाल लक्सर में किसानों का गुस्सा चरम पर है और खाद की कालाबाजारी का यह मामला अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दा बनता जा रहा है। अब देखना होगा कि जांच कितनी निष्पक्ष होती है और किसानों को न्याय कब तक मिल पाता है।









