रुड़की

नवीन जैन एडवोकेट के कैंप कार्यालय पर डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी गई श्रद्धांजलि, संघ नेता जल सिंह सैनी रहे मौजूद

इमरान देशभक्त रुड़की प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(इमरान देशभक्त) रुड़की। भाजपा विधि प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष नवीन कुमार जैन एडवोकेट के तहसील स्थित कैम्प कार्यालय पर जनसंघ अध्यक्ष डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125-वें जयंती महोत्सव पर श्रद्धाजंलि कार्यक्रम आहूत किया गया। जिसमें अतिथि के रूप में पहुंचे जलसिंह सैनी नगर संघसंचालक ने डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सत्य व त्याग व बलिदान की पटकथा पर विचार व्यक्त किए और नारे लगाए जहाँ हुए मुखर्जी बलिदान वो कश्मीर हमारा है, साथ ही पीओके भी हमारा है। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष नीलकमल शर्मा एडवोकेट ने डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सात्विक सरल जीवन चरित्र पर व्याख्यान रखते हुए कहा कि डॉ० मुखर्जी का जन्म 1901 में हुआ था। उन्होंने जम्मू कश्मीर में दो विधान दो निशान का विरोध किया था, जिस सपने को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह ने देश में 370 व 35 A पर प्रतिक्रिया दे उनके सपने को पूरा किया है। कार्यक्रम में नवीन कुमार जैन एडवोकेट ने कहा कि डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी व पंडित दीनदयाल उपाध्याय जो जनसंघ की नींव का पत्थर है, जिनके लगाए वृक्ष पर विश्व पटल पर भारतीय जनता पार्टी का कमल खिला है, हम सबको हमेशा ऋणी बने रहना होगा। पूर्व प्रधानाचार्य अशोक आर्य ने विचार व्यक्त कर कहा कि हमसब को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने जनसंघ अध्यक्ष व देश के शहीदों को समर्पित हो स्मरण रखा है। हरपाल सिंह सिंह आर्य ने डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को पूरा करने के लिए 2047 विकसित भारत निर्माण में सर्वस्व समर्पण देने के त्तपर रहना चाहिए व उन्हें श्रद्धांजलि देने का कार्य करते रहना होगा। एकत्र राष्ट्रभक्तों ने डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी को पुष्माला व पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी। इस अवसर पर क्षेत्रीय पार्षद सरदार सतवीर सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य डॉ०बीएल अग्रवाल, अधिवक्ता सुनील कुमार गोयल, सुधीर चौधरी, एड० सचिन गोंड़वाल, एड० आशीष पंडित, एड० अभिनव गोयल, अमित सिंघल, बृजेश सैनी, एड० रामगोपाल शर्मा, मंडल उपाध्यक्ष सुधीर चौधरी, अनुज आत्रेय, राजेश वर्मा, ऋषिपाल बर्मन, रवी जैन, आकाश धीमान आदि प्रमुख लोग मौजूद रहे।

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