शिक्षा जगत के लिए ऐतिहासिक गौरव
ब्राइट फ्यूचर इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन मौ० उस्मान को अमेरिका की यूनिवर्सिटी ने हॉनोरेरी डॉक्टरेट से किया सम्मानित

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) लक्सर। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों के लिए यह गर्व और सम्मान का क्षण है। ग्राम अकबरपुर ढाढेकी, मंगलौर स्थित ब्राइट फ्यूचर इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन डॉ. मौ. उस्मान को शिक्षा, समाज सेवा, नेतृत्व क्षमता तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सीडरब्रूक यूनिवर्सिटी, यूएसए द्वारा प्रतिष्ठित हॉनोरेरी डॉक्टरेट (Honorary Doctorate) की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
यह प्रतिष्ठित सम्मान समारोह 1 अगस्त को नई दिल्ली स्थित मैपल गोल्ड होटल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सीडरब्रूक यूनिवर्सिटी, यूएसए की भारत सहयोगी टीम ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा, उद्योग, नवाचार और विभिन्न क्षेत्रों में समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले चुनिंदा व्यक्तित्वों को सम्मानित किया। इसी क्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य एवं हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देने के लिए डॉ. मौ. उस्मान को अंतरराष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया।
डॉ. मौ. उस्मान ने अपने नेतृत्व में केवल एक विद्यालय का संचालन ही नहीं किया, बल्कि शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बनाते हुए ग्रामीण एवं आसपास के क्षेत्रों के बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा पहुँचाने का निरंतर प्रयास किया। उनका लक्ष्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें संस्कारी, आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनाना है, जो भविष्य में देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
सम्मान प्राप्त करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए भावुक डॉ. मौ. उस्मान ने कहा यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि मेरे माता-पिता की तपस्या, उनके दिए संस्कार, मेरी मेहनत और उन सभी लोगों के विश्वास एवं सहयोग का परिणाम है जिन्होंने हर कदम पर मेरा साथ दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में अनेक चुनौतियाँ आईं, लेकिन हर कठिनाई ने उन्हें और मजबूत बनाया। माता-पिता से मिले ईमानदारी, मेहनत और इंसानियत के संस्कार ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में पहले से अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की नई प्रेरणा देगा।
डॉ. मौ. उस्मान ने अपने परिवार, गुरुजनों, विद्यालय परिवार, सहयोगियों, अभिभावकों, शुभचिंतकों और क्षेत्रवासियों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी का विश्वास और सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आने वाले समय में भी वे शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और प्रत्येक बच्चे को बेहतर भविष्य प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।
इस उपलब्धि की जानकारी मिलते ही विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। सभी ने डॉ. मौ. उस्मान को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर शुभकामनाएँ देते हुए इसे पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय बताया।
डॉ. मौ. उस्मान को मिला यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान न केवल उनके वर्षों के समर्पण, संघर्ष और उत्कृष्ट कार्यों की पहचान है, बल्कि उन सभी शिक्षकों और शिक्षाविदों के लिए भी प्रेरणा है जो शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हैं। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने, उन्हें साकार करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की प्रेरणा देती रहेगी।









