नमामि गंगे समीक्षा में डीएम सख्त—अपशिष्ट पृथक्करण, लेगेसी वेस्ट निस्तारण व स्वच्छता व्यवस्था पर फोकस
राजेश पसरीचा उत्तराखंड प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(राजेश पसरीचा) बागेश्वर। जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में नमामि गंगे की मासिक समीक्षा बैठक ली। बैठक में नदियों के संरक्षण, नगर क्षेत्रों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा जल निकासी व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने ठोस एवं तरल अपशिष्ट के अनिवार्य पृथक्करण पर विशेष जोर देते हुए नगर को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निकायों को स्वच्छता शुल्क संग्रह लक्ष्य आधारित तरीके से सुनिश्चित करने तथा चालान की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
लेगेसी वेस्ट के निस्तारण पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनके क्षेत्रों में स्थित पुराने अपशिष्ट का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए और किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
जिलाधिकारी ने जिला पंचायत को ट्रैक मार्गों के सभी पड़ावों एवं प्रमुख पर्यटक स्थलों पर नियमित व सुदृढ़ स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बायो-मेडिकल वेस्ट के समुचित प्रबंधन तथा पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक मार्ग पर साफ-सफाई को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने गरुड़ एवं बागेश्वर में ट्रेंचिंग ग्राउंड हेतु भूमि चिन्हित करने के लिए संबंधित उपजिलाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्ना, मुख्य विकास अधिकारी आर.सी तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस नबियाल सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।









