एचआरडीए सचिव मनीष सिंह की विदाई, विकास कार्यों और प्रशासनिक दक्षता की छोड़ गए मजबूत छाप
नए सचिव की नियुक्ति को लेकर तेज हुई चर्चाएं, कई वरिष्ठ अधिकारी दौड़ में शामिल
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(राजेश पसरीचा) हरिद्वार। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष सिंह को शासन के आदेश के तहत उनके वर्तमान पद से पदमुक्त कर दिया गया है। अब वह अपनी वर्तमान तैनाती के अंतर्गत सचिव झील विकास प्राधिकरण नैनीताल तथा महाप्रबंधक कुमाऊं मंडल विकास निगम के पद का अतिरिक्त दायित्व संभालेंगे। प्रशासनिक कार्यों में उनकी दक्षता और कार्यशैली को देखते हुए शासन ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। मनीष सिंह ने एचआरडीए सचिव के रूप में लंबी और प्रभावशाली पारी खेली है। उनके कार्यकाल में विकास योजनाओं को गति मिली, कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं धरातल पर उतरीं है। उन्होंने प्राधिकरण की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए भी कई कदम उठाए, जिसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। प्रशासनिक अनुभव, अनुशासन और जनहित से जुड़े मामलों में उनकी सक्रियता के कारण वह अधिकारियों और आमजन के बीच एक सशक्त प्रशासक के रूप में पहचान बना चुके हैं। उनके पदमुक्त होने के बाद फिलहाल हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के सचिव का पद रिक्त हो गया है। अब इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति को लेकर शासन स्तर पर मंथन शुरू हो गया है। सूत्रों के अनुसार कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं और जल्द ही नए सचिव की नियुक्ति की संभावना जताई जा रही है। मनीष सिंह की विदाई के साथ एचआरडीए का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हुआ है। वहीं, उनके द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों और प्रशासनिक पहलों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब नए सचिव के कंधों पर होगी। प्रशासनिक गलियारों में उनकी कार्यशैली और उपलब्धियों की चर्चा लंबे समय तक होती रहेगी।









