पुलिस की नाक के नीचे अवैध खनन का साम्राज्य, बेलगाम खनन माफियाओं के हौसले बुलंद
फिरोज अहमद समाचार सम्पादक
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) हरिद्वार। लक्सर में अवैध खनन का काला कारोबार इस कदर बेलगाम हो चुका है कि अब खनन माफियाओं को न प्रशासन का डर है और न ही पुलिस का खौफ। शाम ढलते ही रुड़की लक्सर मार्ग पर रेत और मिट्टी से लदी दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़कों पर फर्राटा भरती दिखाई देती हैं। हैरानी की बात तो यह है कि यह पूरा खेल पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है। और जब अवैध खनन की सूचना पर सरकारी टीम कार्रवाई करने पहुंची तो खनन माफियाओं ने टीम पर ही हमला बोल दिया। सरकारी कर्मियों के साथ मारपीट की गई, जिसमें एक कर्मचारी घायल हो गया। अब तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि आखिर इन माफियाओं को संरक्षण कौन दे रहा है लक्सर क्षेत्र में इन दिनों अवैध खनन का धंधा खुलेआम फल-फूल रहा है। रुड़की लक्सर मार्ग, बसेड़ी गांव के आसपास और कई ग्रामीण इलाकों में शाम होते ही खनन माफिया सक्रिय हो जाते हैं। नदियों, खेतों और खाली पड़ी जमीनों से अवैध रूप से रेत और मिट्टी निकालकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरी जाती है और फिर बिना किसी रोक-टोक के मुख्य सड़कों से गुजरती है स्थानीय लोगों की मानें तो यह सिलसिला कोई नया नहीं बल्कि लंबे समय से जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है। यही वजह है कि खनन माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। ताजा मामला उस वक्त सामने आया जब अवैध खनन की सूचना मिलने पर शनिवार को फ्लाइंग स्क्वायड टीम बसेड़ी गांव के पास कार्रवाई के लिए पहुंची। टीम को देखकर खनन में जुटे माफिया बौखला गए और उन्होंने सरकारी टीम पर लाठी-डंडों और सरियों से हमला कर दिया। इस हमले में टीम के सदस्य भानु प्रताप घायल हो गए। सरकारी टीम पर हमले की यह घटना साफ बता रही है कि अवैध खनन में लगे लोगों के हौसले किस कदर सातवें आसमान पर हैं। घटना के बाद पुलिस ने सरकारी कर्मचारी की तहरीर के आधार पर गुलसिताब, सरफराज और जाहिद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। लेकिन मामला केवल मुकदमा दर्ज करने भर का नहीं है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर रोजाना सड़कों पर दौड़ती अवैध खनन से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पुलिस की नजर से कैसे बच जाती हैं जबकि रात दिन लक्सर पुलिस रुड़की लक्सर मार्ग पर गस्त कर रही है। क्या यह मान लिया जाए कि खनन माफियाओं को किसी न किसी स्तर पर संरक्षण प्राप्त है अगर नहीं, तो फिर अवैध खनन का यह कारोबार लगातार कैसे फल-फूल रहा है इस अवैध कारोबार से सरकार को हर रोज लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है जबकि खनन माफिया चांदी काट रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि अब ये माफिया सिर्फ सरकारी जमीन और खनिज संपदा को ही नहीं लूट रहे, बल्कि सरकारी टीमों पर हमला करने से भी पीछे नहीं हट रहे। यानी साफ है कि कानून का इकबाल क्षेत्र में कमजोर पड़ता दिख रहा है। यदि समय रहते इन पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में हालात और भयावह हो सकते हैं अब देखना यह होगा कि लक्सर पुलिस और प्रशासन इस मामले में सिर्फ मुकदमा दर्ज कर खानापूर्ति करता है या फिर अवैध खनन के पूरे नेटवर्क पर बड़ा प्रहार करता है। वही फिलहाल सरकारी टीम पर हमला करने वाले तीन आरोपियों पर मुकदमा तो दर्ज हो गया है, लेकिन लक्सर में धड़ल्ले से चल रहे अवैध खनन के इस काले कारोबार पर कब लगाम लगेगी यह सवाल अभी भी जस का तस बना हुआ है।









