758वें सालाना उर्स में सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, ठेकेदार के भुगतान पर रोक और जांच की मांग
जावेद अंसारी उत्तराखंड प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(जावेद अंसारी) पिरान कलियर। दरगाह साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स के दौरान सफाई व्यवस्था को लेकर नगर पंचायत पिरान कलियर के सभासद नाजिम त्यागी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी हरिद्वार को पत्र भेजकर सफाई व्यवस्था में कथित लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के भुगतान पर तत्काल रोक लगाने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
सभासद द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार, उर्स के दौरान मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर निगम रुड़की के माध्यम से ठेकेदार को सौंपी गई थी। इसके बावजूद मेला क्षेत्र में जगह-जगह कूड़े के ढेर, गंदगी, नालियों से बहता गंदा पानी तथा सड़कों के आसपास कूड़ा-मलबा दिखाई देने की शिकायत की गई है। पत्र में कहा गया है कि इससे देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले जायरीनों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पत्र में स्थानीय लोगों के हवाले से कहा गया है कि सफाई व्यवस्था के नाम पर 30 लाख रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की जा रही है, लेकिन इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद धरातल पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं रही। सभासद ने दरगाह साबिर पाक मेला क्षेत्र के साथ-साथ दरगाह इमाम साहब और दरगाह किलकिली साहब मेला क्षेत्र में भी कई स्थानों पर नियमित सफाई का अभाव होने की बात कही है।
भुगतान रोककर भौतिक सत्यापन की मांग
नाजिम त्यागी ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण का निष्पक्ष भौतिक सत्यापन एवं जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार द्वारा किए गए कार्य का टेंडर की शर्तों के अनुसार सत्यापन कराया जाए और जांच पूरी होने तक संबंधित सफाई ठेकेदार के भुगतान पर तत्काल रोक लगाई जाए।
उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि जांच में कार्य में लापरवाही, निर्धारित मानकों की अनदेखी अथवा धनराशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किए जाने की कार्रवाई भी की जाए। सभासद ने उर्स के दौरान सफाई व्यवस्था के नाम पर खर्च की गई धनराशि और कराए गए कार्यों का पूरा विवरण सार्वजनिक किए जाने की भी मांग की है, ताकि सरकारी धन के पारदर्शी एवं उचित उपयोग को सुनिश्चित किया जा सके।
पत्र के अंत में उन्होंने जनहित और देश-विदेश से आने वाले जायरीनों की सुविधा को देखते हुए मामले में तत्काल संज्ञान लेकर भुगतान रोकने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की अपील की है।
अब देखना होगा कि जिलाधिकारी स्तर से इस शिकायत पर क्या कार्रवाई की जाती है और सफाई व्यवस्था पर उठे सवालों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।









