डॉ. प्रणव पण्ड्या का 76वां जन्मदिन चेतना दिवस के रूप में मनाया
नीटू कुमार हरिद्वार संवाददाता

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(नीटू कुमार) हरिद्वार। अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या का 76वां जन्मदिन (रूप चतुर्दशी) को शांतिकुंज में चेतना दिवस के रूप में सादगी से मनाया गया। इस अवसर पर ग्यारह दीप प्रज्वलित कर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल एवं मां गायत्री का पूजन-अर्चन किया गया। गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं और साधकों ने उनके स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन की मंगलकामना की।
इस अवसर पर संस्था की अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदी ने कहा कि श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी का संपूर्ण जीवन अपने आराध्यदेव के प्रति समर्पण का उदाहरण है। आधुनिक समय में ऐसे लोग विरले ही मिलते हैं, जो पद और वैभव से ऊपर उठकर समाज में रचनात्मक बदलाव तथा मानवता की बेहतरी के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर देते हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. पण्ड्या ने अपने जीवन और कार्यों से इस समर्पण को सार्थक किया है।
देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. पण्ड्या ने शिक्षा पूरी करने के बाद अपना जीवन सद्गुरु पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के चरणों में समर्पित कर दिया। गुरु के मार्गदर्शन में साधना, सेवा और संगठन के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के उत्थान को अपने जीवन का ध्येय बनाया। उनका जीवन दर्शन आत्मपरिष्कार, नवचेतना और श्रेष्ठ व्यक्तित्व निर्माण की प्रेरणा देता है।
“गुरुगीता“ और “चेतना की शिखर यात्रा“ सहित कई दर्जन पुस्तकों के लेखक डॉ. पण्ड्या का प्रेरक संदेश “बी बर्न अगेन“ भी इस अवसर पर चर्चा का केंद्र रहा। इस अवसर पर देश-विदेश के अनेक गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिष्ठित हस्तियों ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।









