हरिद्वार

समुद्र मंथन की थीम से सजेगा कुंभ का भव्य स्वागत द्वार, मंडावर से दिखेगी देवभूमि की सांस्कृतिक झलक

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। आगामी कुंभ मेला-2027 में हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए उत्तर प्रदेश की सीमा पर मंडावर-छुटमलपुर में भव्य स्वागत द्वार आकार ले रहा है। समुद्र मंथन की पौराणिक कथा और कुंभ की आध्यात्मिक परंपरा को केंद्र में रखकर तैयार किया जा रहा यह प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं के लिए केवल स्वागत स्थल नहीं, बल्कि देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान की भव्य झलक प्रस्तुत करने वाला आकर्षण बनेगा। मेला प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्मित कराए जा रहे इस स्वागत द्वार के लिए राज्य सरकार ने 204.19 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। लगभग साढ़े छह मीटर ऊंचे इस द्वार को कुंभ नगरी हरिद्वार की ओर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भव्य प्रवेश बिंदु के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके वास्तुशिल्प और सज्जा में कुंभ की आध्यात्मिक महत्ता के साथ उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को भी दर्शाया जाएगा। भारतीय पौराणिक परंपरा में समुद्र मंथन की कथा का कुंभ पर्व से गहरा संबंध माना जाता है। समुद्र मंथन से प्राप्त अमृत कलश को कुंभ की धार्मिक मान्यता से जोड़ा जाता है। ऐसे में समुद्र मंथन की थीम पर तैयार किया जा रहा यह स्वागत द्वार श्रद्धालुओं को कुंभ की आध्यात्मिक यात्रा से जोड़ने के साथ ही हरिद्वार की धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्ता का प्रतीक बनेगा। मंडावर-छुटमलपुर मार्ग उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हरिद्वार पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों में शामिल है। ऐसे में मंडावर में तैयार होने वाला यह भव्य स्वागत द्वार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए कुंभ नगरी की पहली आकर्षक झलक प्रस्तुत करेगा। प्रवेश द्वार के आसपास आवश्यक सौंदर्यीकरण भी कराया जाएगा, जिससे कुंभ क्षेत्र में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को उत्सवपूर्ण और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव हो सके। स्वागत द्वार का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्माण में गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नियमित निगरानी के साथ निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने को कहा है। मंडावर का यह स्वागत द्वार कुंभ नगरी हरिद्वार में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भव्य स्वागत स्थल के रूप में विकसित होगा। समुद्र मंथन की पौराणिक गाथा पर आधारित इसकी थीम कुंभ की धार्मिक परंपरा, हरिद्वार की आध्यात्मिक विरासत और देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को एक साथ प्रस्तुत करेगी। निश्चित रूप से यह स्वागत द्वार कुंभ मेला-2027 के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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