श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, पड़ोसी राज्यों से समन्वय और पुष्पवर्षा के निर्देश
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। आगामी कांवड़ मेला-2026 को दिव्य, भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने तैयारियों को अंतिम चरण में पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को हरिद्वार के सीसीआर सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग समयबद्ध तरीके से अपनी तैयारियां पूरी करें तथा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित पड़ोसी राज्यों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर कांवड़ यात्रा को सुचारु रूप से संपन्न कराया जाए। बैठक में प्रभारी मंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, सुविधा और सम्मान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की निर्बाध आवाजाही के लिए तैयार कार्ययोजना का समय रहते परीक्षण (ड्राई रन) भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कांवड़ मार्गों पर स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सेवाएं, विद्युत आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था, विश्राम स्थलों और अन्य आवश्यक सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को कांवड़ यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड की “अतिथि देवो भवः” की परंपरा और शिवभक्त कांवड़ियों के प्रति सम्मान का प्रतीक होगा। बैठक में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, डायवर्जन योजना और भीड़ नियंत्रण की तैयारियों को अंतिम रूप दें तथा ड्राई रन के माध्यम से व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता का परीक्षण किया जाए। मयूर दीक्षित ने बैठक में कांवड़ मेले की तैयारियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि सभी विभाग निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के लिए समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं। वहीं नवनीत सिंह भुल्लर और निशा यादव ने सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग, डायवर्जन तथा संवेदनशील स्थलों की निगरानी को लेकर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय और तेज गति से कार्य करते हुए कांवड़ यात्रा से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को समय से पूरा करें, ताकि मेला सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके। बैठक के समापन पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार कांवड़ मेला-2026 को देश के सबसे बेहतर धार्मिक आयोजनों में शामिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों से टीम भावना के साथ काम करते हुए प्रत्येक व्यवस्था को समय पर पूरा करने और श्रद्धालुओं को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने चारधाम यात्रा की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि 2 जुलाई तक चारधाम एवं हेमकुंड साहिब सहित कुल 42 लाख 72 हजार 40 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें यमुनोत्री धाम में 6.30 लाख, गंगोत्री धाम में 6.76 लाख, केदारनाथ धाम में 13.81 लाख, बद्रीनाथ धाम में 14.14 लाख तथा हेमकुंड साहिब में 1.68 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। बैठक में जनप्रतिनिधियों के साथ विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।









